श्रीनगर, [नवीन नवाज]।  दक्षिण कश्मीर मे सक्रिय हिज्ब आतंकी सब्जार को मार गिराने के बाद लश्कर का नामी कमांडर दुजाना, हिज्ब का यासीन यलाू व जाकिर मूसा के अलावा जैश कमांडर अबु हमास समेत 12 दुर्दात आतंकी सुरक्षा एजेसियो के राडार पर है। चिन्हित किए गए इन आतंकियो मे हिज्ब के पांच, लश्कर के छह और जैश-ए-मोहम्मद का एक आतंकी शामिल है।

कश्मीर मे कई आतंकी हमलो मे शामिल ये सभी ए प्लस श्रेणी के है। इस सूची मे सिर्फ दुजाना और हमास ही विदेशी है, अन्य सभी स्थानीय आतंकी है। इन आतंकी कमांडरो को जिंदा अथवा मुर्दा पकड़ने के लिए सभी सुरक्षा एजेसियां मिलकर काम कर रही है।

माना जा रहा है कि इन कमांडरो के सफाए के बाद कश्मीर मे आतंकी हमलो मे कमी आएगी और युवाओ की आतंकी संगठनो मे नई भर्ती पर भी लगाम लगेगी। इसके बाद दबाव की रणनीति शुरू कर हाल ही मे आतंकी बनने वाले लड़को को मुख्यधारा मे लाने के प्रयास होगे।

इस समय दक्षिण कश्मीर मे लगभग 115 आतंकी सक्रिय है। इनमे से करीब 99 स्थानीय है, लेकिन सुरक्षाबलो ने सिर्फ 12 प्रमुख कमांडरो को ही सबसे पहले जिंदा अथवा मुर्दा पकड़ने के लिए चिन्हित किया है।

ये हैं पहले तीन दुर्दात आतंकी कमांडर :

1. सुरक्षा एजेसियो के रडार पर पहला नंबर लश्कर के मोस्ट वांटेड अबु दुजाना उर्फ हाफिज का है। वह दिसंबर 2014 से सक्रिय है और ऊधमपुर हाईवे पर हमले के साथ कई वारदातो मे शामिल रह चुका है। वह कई बार सुरक्षाबलो के घेरे मे भी फंसा, लेकिन हर बार बच निकला।

2. जिला बड़गाम के चाडूरा का रहने वाला हिज्ब आतंकी यासीन यलाू (कोड नेम : गजनवी व मंसूर) दूसरे नंबर पर है। यलाू ही दक्षिण कश्मीर और सेट्रल कश्मीर मे हिज्ब की नई पौध को सीच रहा है।

3. हिजबुल मुजाहिदीन से नाता तोड़ने वाले हिज्ब के पूर्व डिवीजनल कमांडर जाकिर रशीद बट उर्फ मूसा का तीसरा नंबर आता है। मूसा ने ही हाल ही मे अलगाववादियो का सिर काटकर लाल चौक मे लटकाने की धमकी दी थी।

इन आतंकी कमांडरो की भी तलाश :

चिन्हित 12 आतंकी कमांडरो मे अल्ताफ अहमद उर्फ काचरू भी है। दक्षिण कश्मीर मे जिला कुलगाम का रहने वाला काचरू वर्ष 2006 से सक्रिय है। वह हिज्ब मे जिला कमांडर है। उसके साथ ही टकुम (अवंतीपोर) का रहने वाला रियाज अहमद नायकू उर्फ जुबैर उल-इस्लाम है। वह दिसंबर 2012 को आतंक बना था। सब्जार के मारे जाने के बाद कुछ लोगो ने उसे जिला कमांडर बनाए जाने का दावा किया है, जबकि जैश का अबु हमास बीते एक साल से दक्षिण कश्मीर मे अपना आधार बढ़ा रहा है।

सुरक्षा एजेसियो के अनुसार, सद्दाम पडर उर्फ जैद की भी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। वह भी बुरहान गुट के जिंदा बचे आतंकियो मे एक है। जिला शोपियां के हफ श्रीमाल का रहने वाला पडर 25 सितंबर 2015 को आतंकी बना था। हिज्ब ने उसे जिला शोपियां की कमान सौप रखी है।

सुरक्षाबलो की गई सूची मे हफ श्रीमाल का रहने वाला लश्कर आतंकी वसीम अहमद भी है। वह 28 मार्च 2014 को आतंकी बना था और लश्कर मे रहते हुए भी बुरहान गुट के साथ मिलकर आतंकी गतिविधियो मे हिस्सा लेता रहा है। सोफशाली कोकरनाग का रहने वाला बशीर अहमद वानी उर्फ लश्कर का जिला कमांडर है। वह अक्तूबर 2015 को आतंकी बना था।

नए लड़को की भर्ती मे जुटा जिला शोपियां के सुगन गांव का रहने वाला लश्कर आतंकी जीनत उल इस्लाम उर्फ अलकामा भी इस सूची मे है। उसके साथ ही तीन जून 2015 को लश्कर मे भर्ती होने वाला जुनैद मट्टू उर्फ कांदरू निवासी खुडवनी कुलगाम की भी तलाश की जा रही है। वह बीते एक माह के दौरान तीन बार सुरक्षाबलो की घेराबंदी मे बच निकला है। लश्कर के शौकत अहमद टाक उर्फ हुजैफा निवासी पंजगाम (पुलवामा) को भी सुरक्षाबल मौका मिलते ही मार गिराने के लिए तैयार बैठे है।

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