गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गूंजा श्रीनगर का गणपतयार मंदिर, डीसी ने की पूजा; कश्मीरी हिंदू भी हुए शामिल
गणेश चतुर्थी के अवसर पर श्रीनगर के ऐतिहासिक गणपतयार मंदिर में "गणपति बप्पा मोरया" के जयघोष के साथ विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया गया।

गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से गूंजा श्रीनगर का गणपतयार मंदिर। फोटो जागरण
HighLights
गणपतयार मंदिर में गणेश चतुर्थी पर विशेष पूजा-अर्चना हुई।
"गणपति बप्पा मोरया" के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा।
डीसी अक्षय लाबरू ने समारोह में भाग लिया और व्यवस्थाएं जांचीं।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। डाउनटाउन श्रीनगर में झेलम किनारे स्थित ऐतिहासिक गणपतयार मंदिर सोमवार को गणपति बप्पा मोरया और मंगलमूर्ति मोरया के जयघोष से गूंज उठा। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में हवन-यज्ञ, विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया गया। मंत्रोच्चार और आरती की घंटियों के बीच मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया।
गणेश चतुर्थी समारोह में कश्मीरी हिंदू समुदाय के साथ घाटी में रह रहे अन्य सनातनी श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया। कश्मीर घूमने पहुंचे कई पर्यटक भी गणपतयार मंदिर पहुंचे और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
श्रीनगर के उपायुक्त (डीसी) अक्षय लाबरू भी गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर पहुंचे और धार्मिक समारोह में शामिल हुए। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान गणपति का आशीर्वाद लिया तथा श्रद्धालुओं को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दीं।
व्यवस्था का लिया जायजा
इस दौरान डीसी ने मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों, श्रद्धालुओं और संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर समारोह के सुचारु आयोजन के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा, मंदिर परिसर में आवश्यक इंतजाम और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से बनी रहें।
गणेश चतुर्थी समारोह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। आयोजन में कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्यों के अलावा श्रद्धालुओं और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
डीसी अक्षय लाबरू ने समारोह के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, विभिन्न विभागों, स्वयंसेवकों और मंदिर प्रबंधन समिति के बीच बेहतर समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन कश्मीर की समृद्ध विरासत को जीवंत रखने के साथ-साथ आपसी सौहार्द और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं।
श्रीनगर जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया
वहीं, गणपतयार मंदिर प्रबंधन समिति ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में सहयोग के लिए श्रीनगर जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
हब्बाकदल स्थित गणपतयार मंदिर कश्मीरी पंडित समुदाय के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां होने वाले धार्मिक आयोजन कश्मीर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं से गहराई से जुड़े रहे हैं। गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालुओं की भागीदारी ने इन परंपराओं की निरंतरता को एक बार फिर रेखांकित किया।
