श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। Terrorists Plot. अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास की तेज होती रफ्तार से पाकिस्तान झुंझला रहा है। इसलिए वह आतंकियों के मार्फत नए जम्मू-कश्मीर में विकास की राह में रोड़ा अटका रहा है। इसलिए एक या दो नहीं, तीन आतंकी संगठनों ने जम्मू-कश्मीर में आउटरीच प्रोग्राम के लिए केंद्रीय मंत्रियों के दौरे और गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान बड़ी वारदात की साजिश रची है।

इसी आशंका को देखते हुए खुफिया तंत्र ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए अलर्ट जारी किया है। इसके बाद सेना, पुलिस, सीआरपीएफ समेत सभी सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावी सुरक्षा रणनीति बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर जम्मू-कश्मीर में आम लोगों तक पहुंच बनाने के लिए 36 केंद्रीय मंत्रियों के 24 जनवरी तक दौरे हैं। पांच अगस्त 2019 के बाद लगातार सुधरते हालात के बीच केंद्रीय मंत्रियों के दौरों का यह अब तक का सबसे बड़ा कार्यक्रम है।

सूत्रों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों ने अपने तंत्र के जरिए पता लगाया है कि आतंकी संगठन न सिर्फ कश्मीर में, बल्कि जम्मू संभाग में भी गणतंत्र दिवस पर या उससे पहले किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने का मौका तलाश रहे हैं। उन्होंने कथित तौर पर अपने टार्गेट भी चुन लिए हैं। दरअसल, एक सप्ताह पहले ही श्रीनगर में पुलिस ने जैश ए मोहम्मद के पांच सदस्यीय मॉड्यूल को पकड़ा है। उनसे आत्मघाती आतंकियों द्वारा पहनी जाने वाली विस्फोटकों से लैस जैकेट भी बरामद हुई है।

15 आतंकियों के तीन से चार ग्रुप बनाए गए

साजिश को अंजाम देने के लिए हिजबुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तोयबा ने करीब 15 आतंकियों के तीन से चार गुट बनाए हैं। इन आतंकियों को मार गिराने के लिए सेना, पुलिस और सीआरपीएफ ने मिलकर एक अभियान चला रखा है। आतंकियों के सभांवित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। सभी संवेदनशील इलाकों, सुरक्षा शिविरों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।

ये ठिकाने हैं निशाने पर

आतंकी संगठनों के निशाने पर शोपियां के शादीमा-अहगाम स्थित सेना की 44 आरआर का शिविर, बड़गाम में ओल्ड एयरफील्ड की सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ की 43वीं वाहिनी का कैंप और श्रीनगर के भीतर कुछ खास जगह हैं। आतंकियों ने कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं, पंच-सरपंचों और कुछ हाई प्रोफाइल लोगों की हत्या की साजिश रची है। आतंकी संगठन गणतंत्र दिवस पर जम्मू और उसके साथ सटे किसी इलाके में भी सनसनीखेज वारदात को अंजाम देना चाहते हैं।

श्रीनगर में आतंकी गतिविधियां बढ़ीं

सूत्रों के मुताबिक, श्रीनगर के भीतर और साथ सटे इलाकों में भी बीते कुछ दिनों में आतंकियों की गतिविधियों में इजाफा देखा गया है। उन्होंने बताया कि डांगरपोरा, करालपोरा, माच्छुआ, गुंड, चकपोरा, वाथूरा, सुठसु, कलां, कोठीपोरा, नौगाम जैसे इलाकों में जो श्रीनगर के साथ सटे होने के साथ ही पुलवामा व बड़गाम के साथ भी जुड़े हैं, में आतंकियों की आवाजाही देखी गई है। इन इलाकों में सेना और पुलिस के संयुक्त कार्यदलों ने बीते पांच दिनों में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर कई बार घेराबंदी कर तलाशी ली है। श्रीनगर के हारवन, जकूरा, हजरतबल और छत्ताबल व डाउन-टाउन के कुछ हिस्सों में भी आतंकियों के छिपे होने के संदेह पर तलाशी ली गई है।

गणतंत्र दिवस पर हमले के आतंकियों के मंसूबों को नाकाम बनाने के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा का पूरा बंदोबस्त है। वादी के सभी जिलों में गणतंत्र दिवस समारोह को सुरक्षित, शांत और विश्वासपूर्ण माहौल में पूरे उत्साह के साथ मनाने की तैयारियां की जा चुकी है।

-दिलबाग सिंह, पुलिस महानिदेशक जम्मू-कश्मीर।

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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