'राज्य का दर्जा मिलने तक कांग्रेस नहीं लेगी मंत्री पद...', जम्मू-कश्मीर कैबिनेट विस्तार के बाद बोले तारिक हमीद करा
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद करा ने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिलता, पार्टी उमर अब्दुल्ला सरकार में शामिल नहीं होगी।
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जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा नहीं, तो कांग्रेस को मंत्री पद मंजूर नहीं: करा।
HighLights
कांग्रेस ने राज्य का दर्जा मिलने तक मंत्री पद ठुकराया
तारिक करा ने पार्टी का रुख स्पष्ट किया
जनता के वादे पूरे करने पर ध्यान दें: इरफान लोन
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में कैबिनेट विस्तार के बाद कांग्रेस प्रधान तारिक हमीद करा ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि जब तक केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिलता, वह उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल नहीं होगी।
वहीं, कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज लोन ने कहा कि सरकार में किसे मंत्री बनाया गया और कौन इससे निराश हुआ, इस पर चर्चा करने के बजाय जनता से किए गए वादों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष तारिक हमीद करा ने मंगलवार को उमर सरकार में शामिल नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कैबिनेट में शामिल नहीं होने को लेकर पार्टी का रुख पिछले दो वर्षों से स्पष्ट है।
कांग्रेस पहले भी कई बार साफ कह चुकी है कि वह मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होगी। ऐसे में पार्टी को बार-बार यह बताने की जरूरत नहीं है कि वह सरकार से बाहर क्यों है। करा ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बने रहने तक कांग्रेस किसी भी मंत्री पद को स्वीकार नहीं करेगी। राज्य का दर्जा बहाल करने में हो रही देरी कांग्रेस के सरकार में शामिल नहीं होने की प्रमुख वजह है।
जनता के वादों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरत
दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज लोन ने कहा कि विधायकों के मंत्री बनकर जनता की सेवा करने की इच्छा स्वाभाविक है, लेकिन हर विधायक को मंत्रिमंडल में जगह देना संभव नहीं है। असली मुद्दा यह नहीं है कि किसे मंत्री बनाया गया और कौन निराश हुआ, बल्कि यह है कि सरकार जनता से किए गए वादों को कितना पूरा करती है।
लोन ने उम्मीद जताई कि सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगी और लोगों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करेगी। उन्होंने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों, रोजगार, राशन और मुफ्त बिजली जैसे मुद्दों को एक बार फिर प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जनता को सरकार से काफी उम्मीदें हैं और लोगों को आशा है कि उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा।
लोन ने वोट चोरी, पेपर लीक, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में कटौती और जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने को सामूहिक चुनौतियां बताते हुए कहा कि इन मुद्दों के खिलाफ मिलकर लड़ने की जरूरत है।
