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'कश्मीर वाकई जन्नत है...', घाटी की खूबसूरती पर फिदा हुईं बॉलीवुड सिंगर सुनिधि चौहान; कॉन्सर्ट करने की जताई इच्छा

Published: Thu, 10 Sep 2026 03:47 PM (IST)

IFFJK 2026: सिंगर सुनिधि चौहान श्रीनगर में अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचीं और कश्मीर की सुंदरता, मेहमाननवाज़ी व ...और पढ़ें

सिंगर सुनिधि चौहान श्रीनगर में आयोजित इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल में शामिल हुईं। (फोटो- साहिल मीर/जागरण)

सिंगर सुनिधि चौहान श्रीनगर में आयोजित इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल में शामिल हुईं (फोटो- साहिल मीर/जागरण)

HighLights

  1. सुनिधि चौहान कश्मीर की सुंदरता, मेहमाननवाज़ी और भोजन से हुईं मंत्रमुग्ध।

  2. उन्होंने कश्मीर को 'जन्नत' कहा, यहां कॉन्सर्ट करने की इच्छा जताई।

  3. फिल्म फेस्टिवल को कम ज्ञात फिल्मों के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया।

जागरण संवाददाता, श्रीनगर। अंततराष्ट्रीय फिल्म महोतस्व में हिस्सा लेने घाटी पहुंची प्रसिद्ध बॉलीवुड सिंगर सुनिधि चौहान यहां की सुंदरता की मुरीद हो गई। उन्होंने कहा, 'कश्मीर वाकई जन्नत है और यहां की मेहमाननवाज़ी, खाने और सुंदर नज़ारे देख रूह ताजा हो जाती है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह यहां अपना मियूजिकल कांन्सर्ट कर पाएंगी।

पत्रकारों के साथ बातचीत करते से हुए, चौहान ने कहा कि यह कश्मीर का उनका पहला दौरा था और इस अनुभव ने उन्हें बहुत खुश कर दिया। उन्होंने कहा, 'मैं कई जगहों पर गई थी, लेकिन कभी कश्मीर नहीं जा पाई। आज, ऐसा लग रहा है कि मैं जन्नत में हूं। कश्मीर देखकर मेरी आंखें खुल गईं।'

मेहमाननवाज़ी और खाने की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा, 'मेहमाननवाज़ी कमाल की है और खाना भी बहुत बढ़िया है। मेरे पास कहने के लिए शब्द नहीं हैं और मैं मुंबई वापस नहीं जाना चाहती। मुझे उम्मीद है कि मुझे कश्मीर में अपना कांन्सर्ट करने का मौका मिलेगा।'

चौहान ने कहा कि उन्हें पहले फ़िल्मों और टेलीविजन के जरिए कश्मीर से प्यार था, लेकिन अब यहां खुद जाकर उन्हें एक बिल्कुल अलग अनुभव हुआ।

कम जानी-मानी फिल्मों को पहचान दिलाते हैं ऐसे फेस्टिवल

फ़िल्म फ़ेस्टिवल के बारे में बात करते हुए सुनिधि ने कहा कि ऐसे प्लेटफ़ार्म कम जानी-मानी फ़िल्मों और फ़िल्मनिर्माताओं को पहचान दिलाने के लिए जरूरी हैं, जो अपने प्रोजेक्ट्स के भविष्य को लेकर अनिश्चितता के बावजूद बहुत मेहनत करते हैं।

उन्होंने कहा, 'ऐसे फ़ेस्टिवल ज़रूरी हैं क्योंकि वे कम जानी-मानी फ़िल्मों या बहुत मेहनत से बनी फ़िल्मों को पहचान देते हैं, जिनका भविष्य शायद पता न हो। ऐसी फ़िल्मों को यहां एक प्लेटफ़ार्म मिलता है।'

स्थानीय दर्शकों का रिस्पॉन्स देख खुश हुईं सुनिधि

सुनिधि ने स्थानीय दर्शकों के रिस्पांन्स की तारीफ करते हुए कहा कि फ़िल्म प्रेमियों को स्क्रीनिंग में आते देखना हौसला बढ़ाने वाला था। उन्होंने कहा, ये ऐसे प्लेटफार्म हैं जहां लोगों को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। अगर उन्हें कोई कन्फ्यूजन है, तो वे ऐसे फेस्टिवल में उसे क्लियर कर सकते हैं। यहां एक्सप्लोर करने के लिए बहुत कुछ है। लोग आ रहे हैं और देख रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि वे बहुत अच्छा समय बिताएंगे। अच्छी फिल्मों को प्रमोट किया जाना चाहिए।

कश्मीर में फिल्मिंग डेस्टिनेशन की संभावनाओं के बारे में, चौहान ने कहा कि घाटी के लैंडस्केप लगभग किसी भी सिनेमैटिक प्रोडक्शन को बेहतर बना सकते हैं।

उन्होंने कहा, 'आप जहां भी शूट करें, आपको खूबसूरत लोकेशन मिलेगी। लोग कश्मीर आने और यहां शूट करने के लिए उत्सुक रहते हैं। जो लोग कश्मीर को पूरी तरह से नहीं जानते, उन्हें ऐसे फेस्टिवल में आना चाहिए।'