राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) ने बुधवार को राज्य में पहले से मंजूरशुदा 26 कॉलेजों सहित 40 नए कॉलेज स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

यह फैसला मौजूदा कॉलेजों में लगातार छात्रों की बढ़ती संख्या से निपटने और उन इलाकों में जहां कॉलेज नहीं होने से लोग उच्च शिक्षा से वंचित रहते हैं, को शिक्षा के पर्याप्त अवसर प्रदान करने के लिए लिया गया है। यह सभी कॉलेज चरणबद्ध तरीके से स्थापित किए जाएंगे। एसएसी ने इन कॉलेजों की स्थापना के लिए वित्त विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक समिति भी गठित की है। समिति में प्रधान सचिव योजना विकास एवं निगरानी, सचिव आयुक्त उच्च शिक्षा, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग बतौर सदस्य शामिल होंगे। यह समित संबंधित क्षेत्र में छात्रों की संख्या, छात्र-शिक्षक अनुपात, अध्यापकों की नियुक्ति, क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, वित्तीय आवश्यकताओं व कॉलेजों की स्थापना से संबंधित नियमों को ध्यान में रखते हुए ही अनुमोदित कॉलेजों की स्थापना के क्रम को तय करेगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर उच्च शिक्षा विभाग समर्थ प्राधिकरण से अनुमोदित व नए कॉलेजों को क्रियाशील बनाने की अनुमति प्राप्त करेगा।

एसएसी ने वित्त एवं योजना विभाग की पहले से प्राप्त अनुमति के आधार पर द्रास में डिग्री कॉलेज की स्थापना पर भी मुहर लगाई और रुसा के तहत विलगाम कुपवाड़ा व पाडर, किश्तवाड़ में मॉडल डिग्री कॉलेज खोलने का भी स्वागत किया है। एसएसी ने राज्य में दो प्रशासकीय स्टाफ कॉलेज भी स्थापित करने का फैसला किया है। इनमें से एक श्रीनगर और एक जम्मू में होगा, लेकिन यह कॉलेज उपरोक्त समिति की सिफारिशों के आधार ही बनेगा। नए कॉलेजों की स्थापना का क्रम पर्याप्त निधि और स्टाफ की उपलब्धता के आधार पर होगा ताकि इन कॉलेजों में शुरू से ही शिक्षा के स्तर की गुणवत्ता को बनाए रखा जा सके। राज्य में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को कॉलेज शिक्षा का लाभ दिलाने और कॉलेजों में मौजूदा विद्यार्थियों की कुल संख्या 26 फीसद से आगे बढ़ाने के लिए नए कॉलेजों की स्थापना की जरूरत है। इससे युवाओं को रोजगार हासिल करने और एक खुशहाल ¨जदगी जीने का रास्ता मिलता है।

Posted By: Jagran