श्रीनगर में उच्च पर्वतीय दर्रों और रास्तों पर बढ़ेगी चौकसी, सेना और पुलिस की बैठक में आतंकरोधी अभियानों पर हुआ मंथन
श्रीनगर में सेना और पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। सर्दियों में आतंकवादियों के ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
सर्दियों में आतंकियों के खिलाफ रणनीति पर हुई चर्चा।
उच्च पर्वतीय दर्रों और रास्तों पर चौकसी बढ़ेगी।
खुफिया तंत्र मजबूत करने और सूचना साझा करने पर जोर।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने शनिवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में कश्मीर में मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य का जायजा लेते हुए सर्दियों के दौरान आतंकियों के खिलाफ अपनाई जाने वाली रणनीति पर चर्चा की।
उन्होंने सभी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को व्यापक समन्वय को और मजबूत बनाने पर जोर देते हुए सुनियोजित तरीके से आतंकरोधी अभियान जारी रखने को कहा। उन्होंने खुफिया तंत्र को मजबूत बनाने और सभी सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान सुनिश्चित बनाने के लिए भी कहा।
चिनार कोर मुख्यालय में हुई इस बैठक में जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक नलिन प्रभात, पुलिस के सभी संबंधित वरिष्ठ अधिकारी, सेना के वरिष्ठ अधिकारी, श्रीनगर में तैनात केंद्रीय अर्धसैन्यबलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में कश्मीर घाटी के समग्र सुरक्षा परिदृश्य, एलओसी की मौजूदा स्थिति, एलओसी के पार पाकिस्तानी सेना व आतंकी संगठनों द्वारा सर्दियों के दौरान कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में तेजी लाने के खुफिया इनपुट, आतंकी भर्ती रोकने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
संबंधित अधिकारियों ने बताया कि बैठक में पीरपंजाल समेत प्रदेश के सभी उच्च पर्वतीय इलाकों में उन सभी दर्रों और रास्तों पर चौकसी बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया, जिनका इस्तेमाल आतंकियों द्वारा किए जाने की आशंका है।
बैठक में खुफिया इनपुट की निरंतर समीक्षा करने और उसके आधार पर समन्वित कार्रवाई की योजना को भी तय किया गया। उन्होंने बताय कि बैठक में प्रदेश में बचे खुचे आतंकियों और उनके साथियों के खिलाफ जारी अभियान की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा हुई है।
