जम्मू, जागरण संवाददाता। जम्मू कश्मीर और लद्दाख कड़ाके की ठंड की जकड़ में है। भारी बर्फबारी के कारण श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और मुगल रोड एक बार फिर बंद हो गया। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एकतरफा यातायात जारी है। घने कोहरे के कारण लगातार सातवें दिन भी श्रीनगर के लिए हवाई सेवाएं ठप हैं। दिल्ली से जम्मू के लिए हवाई सेवाएं सुचारु रहीं। जम्मू और श्रीनगर में दिनभर बादल छाए रहे। गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग में भारी बर्फबारी हो रही है।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी भारी हिमपात व बारिश की संभावना जताई है। जम्मू कश्मीर के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में मंगलवार रात से ही बर्फबारी शुरू हो गई थी। विश्व प्रसिद्ध पर्यटनस्थल गुलमर्ग, पहलगाम व सोनमार्ग समेत जम्मू कश्मीर के ऊपरी इलाकों और लद्दाख में रातभर हिमपात हो रहा। इससे कई संपर्क मार्ग कट गए हैं। बिजली आपूर्ति भी ठप है। गुलमर्ग में अभी तक सात इंच, सोनमर्ग में 10 इंच बर्फ गिरी है।

श्रीनगर समेत वादी के निचले क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहा। जबकि पुंछ से कश्मीर को जोड़ने वाले मुगल रोड में भारी बर्फबारी के कारण यातायात अवरूद्ध होकर रह गया। यह मार्ग शोपियां से जुड़ता है। करीब एक माह बंद रहने के कारण मुगल रोड बीते रविवार को खुला था। बांदीपुरा-गुरेज और कुपवाड़ा-तंगधार-करनाह मार्ग हिमपात के बाद सुबह बंद कर दिए गए।

कश्मीर को लद्दाख से जोड़ने वाली एकमात्र सड़क श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर सोनमार्ग-जोजिला दर्रे में हिमपात हो रहा है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सिर्फ जम्मू से ही वाहन छोड़े गए हैं। जम्मू में बुधवार का अधिकतम तापमान 19.1 और न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री और श्रीनगर में अधिकतम तापमान 9.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान -1.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। लद्दाख के द्रास में न्यूनतम तापमान माइनस 15.3 रहा।

मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते 10 दिसंबर से 14 दिसंबर तक वादी में मौसम के मिजाज तीखे रहने तथा इस बीच वादी के अधिकांश इलाकों में बर्फबारी व बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन कश्मीर में बर्फ हटाने वाली 154 मशीनों को तैनात किया है। घने कोहरे की वजह से श्रीनगर हवाई अड्डे पर सभी उड़ानें रद हैं।

श्रीनगर हवाई अड्डे के निदेशक संतोश डोके ने कहा कि कम रोशनी के चलते सभी उड़ानों को रद कर देना पड़ा। उड़ानों के आवागमन के लिए विजिबिलटी की रेंज 1000 से 1200 मीटर होनी चाहिए। रनवे पर विजिबिलटी 400 से कम थी। विमानों का उड़ान भरना खतरनाक सिद्ध हो सकता है।

Posted By: Preeti jha

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस