ऐसे कैसे रुकेंगे टूरिस्ट? सोनमर्ग में बिजली कटौती ने होटल वालों की टेंशन बढ़ाई, KPDCL से 24 घंटे सप्लाई की मांग
गांदरबल के सोनमर्ग में बिजली की भारी कटौती से पर्यटन उद्योग और स्थानीय कारोबार प्रभावित हो रहे हैं, जिससे पर्यटकों ...और पढ़ें

सोनमर्ग में बिजली कटौती से पर्यटन पर संकट। (फाइल फोटो)
HighLights
सोनमर्ग में बिजली कटौती से पर्यटन और स्थानीय कारोबार प्रभावित।
होटल मालिकों और व्यापारियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा।
KPDCL से चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग।
रजिया नूर, श्रीनगर। गांदरबल जिले में हरमुख पहाड़ियों की गोद में बसा यह विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल प्रशासन की ओर से दी गई सुविधाओं और नवनिर्मित जेड-मोड़ टनल के चलते अब ऑल वेदर डेस्टिनेशन बन गया है। इससे यहां सालभर पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। हालांकि, बिजली की भारी कटौती ने हितधारकों की इस मजबूत आर्थिक स्थिति को झटका दिया है, जिससे उनका कारोबार फिर से प्रभावित होने लगा है।
हितधारकों का कहना है कि यदि यह सिलसिला इसी तरह जारी रहेगा तो पर्यटकों से गुलजार बनी सोनमर्ग की वादियां फिर से सूनी हो जाएगी। पर्यटन स्थल में होटल मालिकों और स्थानीय कारोबारियों ने कश्मीर पावर डिस्ट्रीब्यूशन कार्पोरेशन लिमिटेड (केपीडीसीएल) से अपील की है कि वे इस पर्यटन स्थल में चौबीसों घंटे बिना रुकावट बिजली सप्लाई बहाल करें और इसे पक्का करें।
उनका कहना है कि बार-बार बिजली जाने से होटल का कामकाज प्रभावित हो रहा है और पर्यटकों का अनुभव भी खराब हो रहा है। होटल मालिकों ने कहा कि बिजली की बार-बार कटौती से हीटिंग, लाइटिंग, किचन के कामकाज और पानी की सप्लाई जैसी ज़रूरी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, विशेषकर तब जब घाटी में सर्दियां दस्तक देने लगी है।
होटलों के लिए बिजली बहुत जरूरी
उन्होंने कहा कि चौबीसों घंटे पर्यटकों की सेवा करने वाले होटलों के लिए भरोसेमंद बिजली बहुत जरूरी है और लगातार बिजली कटौती से पर्यटन स्थल के पर्यटन पर निर्भर कारोबार पर बुरा असर पड़ सकता है। वहां सिथित एक होटल मालिक तौहीद अहमद ने कह ,पहाड़ों पर हालिया बर्फबारी के बाद से यहां सुबह शाम बहुत ठंड रहती है।
पर्यटकों की सुविधाएं जुटाना मुश्किल
रात को तापमान 3-4 डिग्री सेलसियस के आसपास रहता है। ऐसे में हमें होटल में ठहरने वाले टूरिस्टों के लिए AC, हीटर, गीजर आदि का बंदोबस्त करना पड़ता है। लेकिन बिजली की बार बार कटौती के चलते हम न तो पर्यटकों के लिए सही से गर्म पानी और ना ही उनके कमरों को गर्म रख पा रहे हैं। तौहीद ने कहा, 'अगर यही हाल रहा तो सर्दियों में टूरिस्ट यहां आना पसंद नही करेंगे क्योंकि टूरिस्ट पहले अपना कमफर्ट व सुहूलियित देखता है।'
सोनमर्ग के बाजार में कपड़ों की दुकान करने वाले शमीम अहमद राथर ने कहा, 'यहां सब कुछ ठीक से चल रहा था लेकिन बिजली कटौती ने मजा किरकिरा कर दिया है। इसके चलते हम लोग यहां सही से काम ही नही कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'बिजली न होने के चलते यहां आने वाले पर्यटकों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ती है।'
व्यापार मंडल ने KPDCL को लिखा पत्र
सोनमर्ग व्यापार मंडल के अध्यक्ष फुरकान अहमद ने केपीडीसीएल गांदरबल के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर को पत्र लिखकर रिसार्ट के होटलों में बिना रुकावट बिजली सप्लाई बहाल करने की मांग की है। पत्र में लिखा है, 'मैं सोनमर्ग, ज़िला गांदरबल में मौजूद होटल मालिकों की ओर से यह अनुरोध कर रहा हूं कि हमारे होटलों में चौबीसों घंटे बिना रुकावट बिजली की सप्लाई फिर से शुरू की जाए। लाइटिंग, हीटिंग-कूलिंग, किचन का काम, पानी की सप्लाई और मेहमानों की सुरक्षा और आराम जैसी बुनियादी सेवाओं को बनाए रखने के लिए लगातार बिजली ज़रूरी है।'
होटल मालिकों ने यह भी कहा कि उन्होंने बिजली की खपत से जुड़े सभी बकाया बिल चुका दिए हैं और वे विभाग के नियमों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने केपडीसएल से जल्द से जल्द रेगुलर सप्लाई बहाल करने और पर्यटन स्थल में बिना रुकावट बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने की अपील की।
6 लाख पर्यटकों ने सोनमर्ग की सैर की
इस वर्ष रिकार्ड तोड़ पर्यटकों ने इस खूबसूरत पर्यटन स्थल का दौरा किया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से अगस्त यानी 8 महीनों तक तकरीबन 6 लाख पर्यटकों ने सोनमर्ग की सैर की।
