पर्यटकों से गुलजार सोनमर्ग, पर 6 घंटे बिजली कटौती से होटल मालिक परेशान; बोले- सप्लाई सुधरे, वरना बंद करेंगे दुकानें
सोनमर्ग में भीषण बिजली कटौती से पर्यटन और स्थानीय आजीविका खतरे में है। होटल मालिक और व्यापारी लगातार बिजली गुल ...और पढ़ें

सोनमर्ग में बिजली कटौती से पर्यटन पर संकट। (फाइल फोटो)
HighLights
सोनमर्ग में बिजली कटौती से पर्यटन और आजीविका प्रभावित।
होटल, दुकानदारों को भारी नुकसान, डीजल जनरेटर पर निर्भरता।
व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। गांदरबल में सिथत विश्व प्रसिद्ध पर्यटनस्थल सोनमर्ग इन दिनों पर्यटकों से गुलजार है, लेकिन बिजली की भारी और लंबी कटौती वहां आए सैलानियों का मजा किरकिरा कर रही है। वहीं भारी बिजली कटौती से स्थानीय लोगों की आजीविका खतरे में पड़ गई है। स्थानीय व्यवसाइयों ने चिंता जताई है कि यदि बिजली का यही हाल रहा तो उनकी रोजी रोटी बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है।
घाटी में शुरुआती सर्दियों के कारण तापमान गिर रहा है। ऐसे में गांदरबल विशेषकर सोनमर्ग के होटल मालिकों, दुकानदारों और स्थानीय सेवा प्रदाताओं का कहना है कि बिजली की अनिश्चित और लंबी कटौती ने उनके रोजमर्रा के कामकाज को बुरी तरह प्रभावित किया है।
स्थानीय होटल मालिकों और व्यापारियों के अनुसार, लगातार हो रही बिजली कटौती से होटल उद्योग के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं जैसे हीटिंग सिस्टम, गीजर, लाइटिंग और कमर्शियल किचन ठप हो गई हैं। शाम के समय तापमान लगभग जमने के स्तर तक गिर जाता है, जिससे होटल मालिकों के लिए मेहमानों के कमरों को गर्म रखना और गर्म पानी की लगातार आपूर्ति बनाए रखना मुश्किल हो गया है।
पर्यटकों को सस्ती दरों पर ठहराना चुनौती
स्थानीय होटल संचालक मुख्तार अहमद पठान ने बताया, 'बिजली की आपूर्ति लगातार ऊपर-नीचे होती रहती है, जिसकी वजह से हमें महंगे डीजल जनरेटरों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे समय में जब हम पर्यटकों के लिए किफायती दरें बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, इससे हमारा खर्च काफी बढ़ जाता है।'
स्थानीय दुकानदारों और रेस्तरां मालिकों की भी यही चिंता है। उनका कहना है कि शाम के समय दुकानों के बाहर अंधेरा रहने और सेवाओं में रुकावट आने की वजह से पर्यटक स्थानीय बाजारों में घूमने से कतराते हैं।
शून्य के करीब तापमान, बिजली कटौती से होटल कारोबारी परेशान
सोनमर्ग व्यापार मंडल के अध्यक्ष फुरकान अहमद शेरा ने बताया कि केपीडीसीएल ने हाल ही में सोनमर्ग के लिए 6 घंटे की बिजली कटौती की घोषणा की है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब यहाँ तापमान लगभग शून्य तक गिर रहा है और होटल मालिक व व्यापारी जैसे-तैसे अपना गुजारा कर रहे हैं।
फुरकान ने कहा, 'चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति कोई विलासिता नहीं है, बल्कि पर्यटन को बनाए रखने, स्थानीय लोगों की आजीविका बचाने और यह सुनिश्चित करने के लिए एक बुनियादी जरूरत है कि यहां से जाने वाले मेहमान घाटी के बारे में एक सकारात्मक छाप लेकर जाएं। उन्होंने प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है।
कारोबारियों ने दी दुकानें बंद करने की चेतावनी
व्यापारियों के संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर बिजली विभाग ने अपने शेड्यूल में बदलाव नहीं किया, तो वे अपना कारोबार बंद कर देंगे। इससे पहले, बढ़ते संकट को देखते हुए सोनमर्ग व्यापार मंडल ने केपीडीसीएल को एक औपचारिक ज्ञापन भी सौंपा था।
व्यापारियों ने जोर देकर कहा कि स्थानीय कारोबारियों ने बिजली के सभी बकाया बिल चुका दिए हैं और वे आधिकारिक नियमों का पूरी तरह से पालन करते हैं।
स्थानीय कारोबारी समुदाय ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत अलग फीडर या बिजली सप्लाई का कोई विश्वस्नीय शेड्यूल लागू नहीं किया गया, तो पूरी सर्दियों के दौरान वहां के पर्यटन क्षेत्र को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
