'कभी दुश्मन, कभी दोस्त...'; फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान वाले बयान पर मीर ने उठाए सवाल, केंद्र से की खास अपील
अपनी पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुलाम हसन मीर ने फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी बयान को अनावश्यक बताया, जिससे जम्मू-कश्मीर के लोग, खासकर युवा, भ्रमित हो रहे हैं।
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फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान वाले बयान पर मीर ने उठाए सवाल। फाइल फोटो
HighLights
मीर ने फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान बयान को अनावश्यक बताया।
कहा, नेताओं के विरोधाभासी बयानों से युवा भ्रमित हो रहे।
केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर में बातचीत शुरू करने की अपील।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। अपनी पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री गुलाम हसन मीर ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के संरक्षक फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी हालिया बयान को अनावश्यक बताते हुए कहा कि नेताओं के विरोधाभासी बयानों से जम्मू-कश्मीर के लोग, खासकर युवा, भ्रमित हो रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से लोगों की चिंताएं दूर करने और विश्वास बहाली के लिए बातचीत शुरू करने की अपील की।
पत्रकारों से बातचीत में मीर ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को यह बयान नहीं देना चाहिए था कि पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा करने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला कई मौकों पर पाकिस्तान को दुश्मन बता चुके हैं, लेकिन अब उसे दोस्त की तरह पेश कर रहे हैं। ऐसे विरोधाभासी बयानों से यह समझना मुश्किल हो जाता है कि नेता वास्तव में किस बात पर विश्वास करते हैं।
मेरी पार्टी ऐसा कोई बयान नहीं देगी- मीर
मीर ने एक पार्टी सहयोगी के 16 वर्षीय बेटे का उदाहरण देते हुए कहा कि दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले उस छात्र ने सवाल उठाया कि फारूक अब्दुल्ला जैसे नेता ऐसा बयान दे सकते हैं, जबकि आम कश्मीरी के ऐसा कहने मात्र से जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत कार्रवाई हो जाती है। मीर ने दोहराया कि अपनी पार्टी केंद्र और जम्मू-कश्मीर के लोगों के बीच बातचीत की पक्षधर है।
उन्होंने कहा कि पहल केंद्र सरकार को करनी चाहिए ताकि दूरी और विश्वास की कमी दूर हो सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी पार्टी ऐसा कोई बयान नहीं देगी, जिससे केंद्र और जम्मू-कश्मीर के बीच अविश्वास और बढ़े।
