राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) के जरिए सोशल मीडिया और प्रतिबंधित बेवसाइट का इस्तेमाल कर अफवाहें फैलाने वाले तत्वों पर शिकंजा कसना तेज हो गया है। शुक्रवार को पुलिस ने उत्तरी कश्मीर में अफवाह फैलाने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। एक सप्ताह के दौरान सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने के मामले में चौथी गिरफ्तारी है। 10 अन्य लोगों को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए तलब किया।

हंदवाड़ा पु़लिस को पता चला कि कुछ युवक सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों का इस्तेमाल भड़काऊ संदेश और झूठी खबरें फैला रहे हैं। ये लोग कश्मीर की घटनाओं को लेकर बेबुनियाद खबरें उड़ा रहे हैं जिससे लोगों में गुस्सा और डर पैदा हो रहा है। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर छानबीन के बाद वसकूरा के वसीस मजीद डार को गिरफ्तार कर लिया। उसका मोबाइल फोन जब्त किया है। उसके सोशल एकाउट की भी छानबीन की जा रही है। इस बीच, एक अन्य सूचना के मुताबिक साइबर सेल पुलिस स्टेशन कश्मीर जोन ने वीपीएन से सोशल मीडिया और प्रतिबंधित बेवसाइट का इस्तेमाल कर अफवाहें फैलाने के मामलों की छानबीन के सिलसिले में 10 लोगों से पूछताछ की है। इनमें से किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है। जम्मू कश्मीर राज्य प्रशासन ने 14 जनवरी को 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा को बहाल करने के साथ ही सोशल मीडिया के साथ कई अन्य बेवसाइट को प्रतिबंधित कर दिया। इसके बावजूद कई लोगों ने वीपीएन के जरिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल शुरू कर दिया। वादी के हालात को लेकर अफवाहें फैलाने लगे। आतंकी तत्व भी इसका इस्तेमाल करने लगे। पुलिस ने गत दिनों एक एफआइआर दर्ज कर वीपीएन के जरिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। तीन दिन पहले सैदाकदल श्रीनगर के युवक को कुपवाड़ा पुलिस ने पकड़ा था। दो दिन पहले कट्टरपंथी सईद अली शाह गिलानी के एक घरेलू नौकर समेत दो लोगों को पकड़ा।

साइबर पुलिस स्टेशन और पुलिस के विशेष अभियान दल श्रीनगर के प्रभारी एसपी ताहिर अशरफ ने बताया कि आतंकियों का महिमामंडन करने वाले, फर्जी खबरों को प्रसारित करने वाले,लोगों में भ्रम पैदा करने वाले करीब एक हजार सोशल मीडिया हैंडल की जांच की जा रही है। हम इन लोगों को चिन्हित कर रहे हैं।

Posted By: Jagran

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