श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। कश्मीर में बीते दिनों हुए हिमपात से बेशक स्थानीय जनजीवन प्रभावित हुआ है, लेकिन इसी हिमपात ने आतंकवाद की मार से त्रस्त पर्यटन क्षेत्र को फिर पटरी पर लाने का रास्ता बनाया है। देश-विदेश से आ रहे सैलानी गुलमर्ग की वादियों में चारों तरफ बर्फ देख रोमांचित हो रहे हैं। कोई बर्फ में स्कईंग का मजा ले रहा है तो कोई पहाड़ की चोटी से स्लेजिंग करते हुए नीचे आ रहा है। सेल्फी लेने वालों की भीड़ खूब है।

कुछ सैलानी तो फोन पर अपने दोस्तों और परिजनों को बता रहे हैं कि वे भी एक बार यहां जरूर आएं।चारों तरफ बिछी बर्फ की चादर में रंग-बिरंगे कपड़ों में घूम रहे पर्यटकों को दूर से देखकर ऐसा लगता है कि जैसे फूल हवा के हल्के झोंकों में एक जगह से दूसरी जगह जा रहे हों। होटल मालिक, घोड़े वाले, स्लेज वाले सभी इस समय व्यस्त हैं। वे दुआ कर रहे हैं कि यह बहार बनी रहे।

गुलमर्ग में बीते चार दिनों के दौरान पांच हजार पर्यटक पहुंचे हैं। होटल करीब साठ फीसद बुक हैं। अधिकांश पर्यटक रात को गुलमर्ग में रुकने के बजाय श्रीनगर में ठहरना पसंद करते हैं। श्रीनगर में हाउसबोटों में 20 फीसद बुकिंग बताई जाती है। श्रीनगर से रोजाना सौ टैक्सियां पर्यटकों को लेकर गुलमर्ग पहुंच रही हैं। सनशाइन होटल के प्रबंधक गुलजार अहमद ने कहा कि 10 नवंबर के बाद से पर्यटकों में तेजी आई है। मेरा 25 कमरों का होटल है।

पांच दिनों के दौरान शायद ही कोई ऐसा दिन रहा हो जिस दिन मेरे होटल में 15 से कम कमरे बुक रहे हों। यहां कुछ बड़े होटलों में बुकिंग शत प्रतिशत है। दिल्ली से सपरिवार आए सुरेश शर्मा ने कहा कि मैं पहले भी यहां आ चुका हूं। 15 तारीख को कश्मीर में सैर की योजना बनाई थी। सोमवार को श्रीनगर पहुंचे थे। गुलमर्ग में हम बुधवार को आए और यहां सबसे ज्यादा मजा गंडोला की सैर में आया है। मेरी बेटी यहां पहली बार आई है। एमबीए की छात्रा सुलेखा ने कहा कि मैंने पहली बार सर्दियों में कश्मीर आई हूं। मै तो यही सोचती थी कि स्विजरलैंड और यूरोप में इस तरह की बर्फ होती है, लेकिन गुलमर्ग किसी तरह से कम नहीं है। अगर यहां बर्फ से ढकी चोटियों की तस्वीर को स्विजरलैंड का नाम देकर किसी को दिखाया जाए तो वह मान लेगा।

स्लेज ऑपरेटर नजीर अहमद ने कहा कि अगस्त से अक्टूबर तक यहां हमनें कोई काम नहीं किया। बर्फ गिरी तो यहां बहार आई है। अब मैं रोजाना यहां करीब डेढ़ हजार रुपये तक कमा रहा हूं। टूर ऑपरेटर राजू पठानिया ने कहा कि मैं 34 पर्यटकों का एक पैकेज टूर लेकर यहां आया हूं। यह सभी पर्यटक अहमदाबाद और मुंबई के हैं। श्रीनगर में भी हम रुके,सोनमर्ग और पहलगाम भी गए थे, लेकिन जो मजा मेरे साथ आए पर्यटकों ने यहां गुलमर्ग में लिया है, वह उन्हें कहीं और नहीं आया। हमने वापसी में पत्नीटॉप एक दिन रुकने का कार्यक्रम रखा है, लेकिन मेरे साथ आए ये लोग अब चाहते हैं कि पत्नीटाप में रात गुजारने के बजाय यहां गुलमर्ग में एक दिन बढ़ाया जाए। 

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Posted By: Preeti jha

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