जम्मू-कश्मीर में रैगिंग पर सख्त कार्रवाई, SKIMS बेमिना में 5 छात्र सस्पेंड; ₹10000 जुर्माना, स्टाइपेंड भी रुकेगा
सिकिम्ज मेडिकल कॉलेज, बेमिना ने रैगिंग की घटना में शामिल पाए गए पांच एमबीबीएस छात्रों और इंटर्न को एक सप्ताह ...और पढ़ें

सिकिम्ज मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के आरोप में पांच छात्र निलंबित। (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
सिकिम्ज मेडिकल कॉलेज ने पांच छात्रों को निलंबित किया।
रैगिंग की घटना में शामिल होने पर कार्रवाई हुई।
प्रत्येक छात्र पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगा।
जागरण संवाददाता,श्रीनगर। सिकिम्ज मेडिकल कॉलेज अस्पताल, बेमिना ने रैगिंग की एक घटना में शामिल पाए जाने पर पांच एमबीबीएस छात्रों और इंटर्न को एक हफ़्ते के लिए निलंबित कर दिया है। प्रिंसिपल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि ये पांचों रैगिंग की एक ऐसी घटना में शामिल पाए गए जो यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के एंटी-रैगिंग नियमों का गंभीर उल्लंघन था।
बता दें कि जिन लोगों पर कार्रवाई की गई है, उनमें 2023 बैच के शुभम वर्मा और सुनील वर्मा, 2024 बैच के सहदेव और 2021 बैच के इंटर्न रूपल सुंटल और लविश शर्मा शामिल हैं।
यह अनुशासनात्मक कार्रवाई संस्थान की एंटी-रैगिंग कमेटी की सिफारिश पर की गई। इन पांचों को एक हफ़्ते तक क्लास में शामिल होने और दूसरी एकेडमिक या इंटर्नशिप गतिविधियों में भाग लेने से रोक दिया गया है। इसके अलावा, हर एक पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है, और यह रकम तय सीडी-10 अकाउंट में जमा करनी होगी।
अभिभावकों के साथ एंटी-रैगिंग कमेटी के सामने होंगे पेश
छात्रों और इंटर्न को आदेश जारी होने के पांच दिनों के भीतर एकेडमिक सेक्शन में पेमेंट की रसीद जमा करने का निर्देश दिया गया है। इन पांचों के माता-पिता या अभिभावकों से भी कहा गया है कि वे आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए एंटी-रैगिंग कमेटी के सामने उनके साथ आएं।
सस्पेंशन के दौरान स्टाइपेंड रोकने का निर्देश
आदेश में कहा गया है कि निर्देशों का पालन न करने पर लागू यूजीसी एंटी-रैगिंग नियमों और संस्थान के नियमों के तहत आगे की कार्रवाई हो सकती है।इसमें संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे लागू नियमों के अनुसार सस्पेंशन की अवधि के दौरान इंटर्न का स्टाइपेंड रोक दें।
