श्रीनगर, प्रेट्र। पुलवामा आतंकी हमले में इस्तेमाल की गई विस्फोटक सामग्री आईईडी बनाने वाले जैश आतंकी इस्माइल भाई उर्फ ​​लंबू की सुरक्षा बल सरगर्मी से तलाश कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, गत 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में जैश आतंकी लंबू द्वारा बनाई गई आईईडी का इस्तेमाल किया गया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, इस्माइल भाई ने पिछले साल दिसंबर में कश्मीर में घुसपैठ की थी। तब से यह त्राल क्षेत्र में रह रहा था। दिसंबर में एक पाकिस्तानी आतंकी की उपस्थिति के बारे में खुफिया सूचनाएं भी मिली थीं। पुलिस के मुखबिरों ने भी इसकी पुष्टि की थी। यह आतंकी त्राल-पुलवामा-अवंतिपुरा में रह रहा था। 

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पूर्व में तलाशी और घेराबंदी अभियान चलाए गए थे, लेकिन यह आतंकी नहीं पकड़ा जा सका। अब तक की जांच के अनुसार, इस्माइल को जैश-ए-मुहम्मद आतंकी संगठन ने आईईडी बनाने के लिए भेजा था। इसके अलावा संभावित 'फिदायीन' (आत्मघाती हमलावर) के लिए नई भर्तियां भी यह आतंकी कर रहा था। आतंकी हमले में इस्तेमाल किए गए आइईडी को स्थानीय लोगों की मदद से इस्माइल भाई ने बनाया था।

इस्माइल उर्फ लंबू जो कभी जैश चीफ के भाई अब्दुल रऊफ का बॉडीगार्ड हुआ करता था। साल 2008 में आतंकी लंबू एलओसी पार कर के जम्मू-कश्मीर में घुसा था। उसके बाद से वह यहां आतंकियों के साथ मिलकर हमले की साजिश करता रहता है। जैशन ने उसे ही 15 अगस्त, 2018 के दिन दिल्ली में घात लगाकर हमले को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

गौरतलब है कि पुलवामा जिले का त्राल सीमा पार से घुसपैठ करने वालों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में उभरा है। जुलाई 2016 में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद यह शहर आतंकी गतिविधियों का केंद्र बन गया है।

इस साल घाटी में 49 आतंकी मारे गए, जिनमें से 10 त्राल में थे। रविवार को मुरासिर अहमद खान सहित दो आतंकी त्राल क्षेत्र में मारे गए थे। इन्हें 14 फरवरी के आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताया गया था।

Posted By: Sachin Mishra

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