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राजौरी में सर्च ऑपरेशन, AK-47 और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद; आतंकियों के मिले खून से सने पैरों के निशान

Published: Fri, 20 Feb 2026 07:25 PM (IST)Updated: Fri, 20 Feb 2026 07:37 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सुंदरबनी सेक्टर में सुरक्षाबलों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास तलाशी अभियान के दौरान हथियारों और युद्ध जैसी सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया है।

HighLights

  1. सुंदरबनी सेक्टर में एलओसी के पास हथियारों की बरामदगी।

  2. घुसपैठ की नाकाम कोशिश के बाद व्यापक तलाशी अभियान।

  3. घायल आतंकियों के खून के निशान मिले, ऑपरेशन जारी।

जागरण संवाददाता, राजौरी। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सुंदरबनी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान के दौरान हथियारों और युद्ध जैसे सामान की बड़ी खेप बरामद की है।

अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई एक दिन पहले घुसपैठ की कोशिश नाकाम किए जाने के बाद खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई। बरामदगी में एक एके-47 राइफल, दो मैगजीन सहित गोला-बारूद, तीन रक्सैक, कंबल, राशन और कपड़े शामिल हैं।

वीरवार को इसी क्षेत्र में आतंकियों के दल ने भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने का प्रयास किया था, जिसे सेना के जवानों ने विफल कर दिया था। इसके बाद सुंदरबनी सेक्टर के नथुआ टिब्बा क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

हाल ही में इसी इलाके में घुसपैठ की कोशिश को विफल किया गया था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी और तलाशी अभियान चलाने का निर्णय लिया।

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जंगल में छुपे हैं घायल आतंकी

अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान जवानों को खून से सने पैरों के गहरे निशान दिखाई दिए। इन निशानों से संकेत मिलता है कि घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों को मुठभेड़ के दौरान गंभीर चोटें आई होंगी।

सुरक्षा बलों का अनुमान है कि घायल आतंकी अंधेरे और दुर्गम पहाड़ी इलाके का फायदा उठाकर वापस भागने में सफल हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और ऑपरेशन जारी है।

आतंकियों की साजिश बेहद खतरनाक

बरामद किए गए हथियार और अन्य सामग्री से स्पष्ट है कि घुसपैठ करने वाले तत्व लंबी अवधि तक क्षेत्र में सक्रिय रहने की तैयारी के साथ आए थे। मिले राशन, कंबल और कपड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि वे पहाड़ी इलाके में ठहरने की योजना बनाकर आए थे। एके-47 राइफल और गोला-बारूद की बरामदगी से उनकी मंशा का अंदाजा लगाया जा सकता है।

संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवान तैनात कर दिए हैं। नियंत्रण रेखा के निकट संभावित घुसपैठ मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। ड्रोन और अन्य आधुनिक निगरानी उपकरणों का भी उपयोग किया जा रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते चिन्हित किया जा सके।

सुरक्षाबल पूरी तरह मुस्तैद

अधिकारियों ने बताया कि मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सर्च ऑपरेशन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। पहाड़ी और घने जंगलों वाले इस क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी के साथ अभियान को अंजाम दे रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है। सीमावर्ती गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अज्ञात व्यक्ति की सूचना तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को दें। सुरक्षाबलों का कहना है कि घुसपैठ की किसी भी कोशिश को सख्ती से विफल किया जाएगा और क्षेत्र में शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

नियंत्रण रेखा के जरिए घुसपैठ की कोशिश

उल्लेखनीय है कि राजौरी-पुंछ बेल्ट में समय-समय पर नियंत्रण रेखा के जरिए घुसपैठ की कोशिशें सामने आती रही हैं। सुरक्षाबलों की सक्रियता और खुफिया तंत्र की मजबूती के चलते अधिकांश प्रयास नाकाम कर दिए जाते हैं। सुंदरबनी सेक्टर में हुई यह ताजा बरामदगी भी सुरक्षा बलों की सतर्कता और पेशेवर दक्षता को दर्शाती है।

फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है और पूरे क्षेत्र में उच्च स्तर की चौकसी बरती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक इलाके को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा।