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जम्मू-कश्मीर: 1987 चुनाव वाले प्रस्ताव का क्या हुआ? सज्जाद लोन भड़के, विधानसभा सत्र से पहले मांगा जवाब

Published: Thu, 17 Sep 2026 12:09 PM (IST)

सज्जाद लोन ने 1987 के विधानसभा चुनाव में कथित धांधली पर अपने प्रस्ताव की स्थिति न बताने पर विधानसभा सचिवालय ...और पढ़ें

1987 चुनाव पर प्रस्ताव की जानकारी न मिलने से भड़के सज्जाद लोन। (फाइल फोटो)

1987 चुनाव पर प्रस्ताव की जानकारी न मिलने से भड़के सज्जाद लोन (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सज्जाद लोन ने 1987 चुनाव धांधली प्रस्ताव पर सवाल उठाए।

  2. विधानसभा सचिवालय ने प्रस्ताव की स्थिति नहीं बताई, लोन नाराज।

  3. नियम 179 के तहत जानकारी देने की मांग, पत्र लिखा।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। 1987 के विधानसभा चुनाव में कथित धांधली पर चर्चा के लिए दिए प्रस्ताव की स्थिति नहीं बताने पर पीपुल्स कान्फ्रेंस अध्यक्ष एवं विधायक सज्जाद लोन ने विधानसभा सचिवालय पर सवाल उठाए हैं। लोन ने कहा कि बिजली दरों से जुड़े उनके प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने की सूचना दे दी गई, लेकिन 1987 के चुनाव से जुड़े प्रस्ताव पर सचिवालय ने चुप्पी साध रखी है।

लोन ने कहा कि उन्होंने आगामी शरदकालीन सत्र के लिए दो प्रस्ताव दिए थे। इनमें एक बिजली दरों में हालिया बढ़ोतरी और दूसरा 1987 के विधानसभा चुनाव में कथित धांधली से संबंधित था।

उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा कि विधानसभा सचिवालय अपनी सुविधा के अनुसार कुछ प्रस्तावों की जानकारी देकर दूसरे मामलों पर चुप नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि विधानसभा सचिवालय सभी विधायकों के अधिकारों और सदन में उनके कामकाज से जुड़े मामलों का संरक्षक है।


लोन ने विधानसभा की कार्यप्रणाली से जुड़े नियम 179 का हवाला देते हुए कहा कि इसके तहत सचिवालय को संबंधित विधायक को प्रस्ताव की स्थिति बताना जरूरी है। विधायक को यह जानकारी दी जानी चाहिए कि उसका प्रस्ताव अध्यक्ष ने स्वीकार किया है, खारिज किया है या संशोधन के साथ स्वीकार किया है।

लोन ने कहा कि उनके प्रस्ताव की स्थिति नहीं बताना नियमों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने इस संबंध में विधानसभा सचिवालय को पत्र लिखकर प्रस्ताव की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

म्मू-कश्मीर विधानसभा का शरदकालीन सत्र 21 सितंबर से

उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर विधानसभा का शरदकालीन सत्र 21 सितंबर से शुरु हो रहा है। वर्ष 1987 में हुए विधानसभा चुनाव में सज्जाद गनी लोन के पिता दिवंगत गनी लोन ने मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट के उम्मीदवार के रूप में हंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से चु़नाव लड़ा था।

वह इस चुनाव में नेशनल कान्फ्रेंस के उम्मीदवार चौ मोहम्मद रमजान से मात्र 1330 वोटों के अंतर से हार गए थे। वर्ष 1987 में हुए विधानसभा चुनाव में नेशनल कान्फ्रेंस पर बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप है और कई लोग दावा करते हैं कि इन चुनावों में ही धांधली ने जम्मू कश्मीर में आतंकी हिंसा के लिए जमीन तैयार करते हुए पाकिस्तान को हालात बिगाड़ने का मौका दिया।