राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन द्वारा पुलिस कर्मियों के 11 संबंधियों को अगवा करने और लगातार बढ़ रही आतंकी ¨हसा से पैदा हालात के मद्देनजर राज्य पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. एसपी वैद को बदले जाने की अटकलें मंगलवार को दिनभर जारी रही।

एक टीवी चैनल ने भी केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों का हवाला देते हुए इसका दावा किया। डॉ. वैद ने इन अटकलों का खंडन तो नहीं किया, लेकिन यह जरूर कहा कि मीडिया को ऐसी रिपोर्टो से बचना चाहिए, जो पुलिस कर्मियों और अधिकारियों के मनोबल पर नकारात्मक असर डालती हो। रही बात तबादले की तो यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह दक्षिण कश्मीर में लश्कर व हिज्ब के आतंकियों ने छह पुलिस कर्मियों के 11 रिश्तेदारों को अगवा किया था। इसके बाद आतंकियों ने यह कहकर इन लोगों को रिहा कर दिया कि अगर कभी पुलिस ने किसी आतंकी के परिवार या रिश्तेदार को तंग किया तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी। इन पुलिस कर्मियों के अगवा और रिहाई को हिज्ब के डिवीजनल कमांडर रियाज नायकू के पिता की गिरफ्तारी और रिहाई से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। कुछ लोगों का दावा है कि रियाज नायकू के पिता अस्सदुल्ला नायकू को पुलिस द्वारा रिहा करने पर ही आतंकियों ने पुलिस कर्मियों के परिजनों को रिहा किया है। रियाज नायकू के पिता की रिहाई के लिए राजभवन से भी निर्देश जारी होने का दावा किया जा रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिस कर्मियों के परिजनों को अगवा किए जाने के मामले का सख्त नोटिस लिया है। इस घटना से पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के मनोबल पर नकारात्मक असर की बात की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जो रवैया अपनाया है, उससे केंद्रीय गृह मंत्रालय सख्त नाराज है। गृह मंत्रालय ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक को राज्य पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद का विकल्प देखने और उन्हें जल्द बदलने के लिए कहा है।

डॉ. वैद को बदलने की अटकलों को हवा न मिलती, अगर राज्य प्रशासन पुलिस के सीआइडी ¨वग के एडीजीपी अब्दुल गनी मीर को हटाते हुए उनके स्थान पर पिछले दिनों केंद्र में प्रतिनियुक्ति से लौटे डॉ. बी श्रीनिवास को एडीजीपी सीआइडी नियुक्त नहीं करता। डॉ. श्रीनिवास पहले भ्ीा राज्य सीआइडी ¨वग के प्रमुख रह चुके हैं। उनके कार्यकाल में सीआइडी ¨वग ने आतंकवाद की कमर तोड़ने में अहम भूमिका निभाई थी।

हालांकि डॉ. वैद के स्थानापन्न के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है, लेकिन दावा किया जा रहा है कि वीके ¨सह, एसएम सहाय और दिलबाग ¨सह को राज्य पुलिस महानिदेशक बनाया जा सकता है।

इस बीच, डॉ. एसपी वैद ने अपने तबादले को लेकर जारी अटकलों को लेकर ट्वीटर पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने लिखा है कि जम्मू कश्मीर पुलिस दशकों से एक छद्म युद्ध का मुकाबला कर रही है। पड़ोसी मुल्क द्वारा छेड़े गए इस युद्ध का मुकाबला करने के लिए अत्यंत साहस और संकल्पबद्धता चाहिए, जिसकी जम्मू कश्मीर पुलिस के अधिकारियों व जवानों में कोई कमी नहीं है। मात्र अफवाहों और अटकलों पर ऐसे लेख लिखने से बचें, जिनसे राज्य पुलिस संगठन के अधिकारियों व जवानों का मनोबल प्रभावित हो। रही बात तबादले की तो यह नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। यह राज्य सरकार का विशेषाधिकार है।

Posted By: Jagran