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जम्मू-कश्मीर मंत्रिमंडल में फेरबदल के आसार, नए चेहरों को मिल सकती है जगह; दो मंत्री भी हटेंगे

Published: Sun, 25 Oct 2026 03:12 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रिमंडल में मंगलवार को फेरबदल की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल के आसार। फाइल फोटो

जम्मू-कश्मीर मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल के आसार। फाइल फोटो

HighLights

  1. मंगलवार को जम्मू-कश्मीर मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना है

  2. नए मंत्रियों को शामिल किया जाएगा, दो मौजूदा मंत्री हट सकते हैं

  3. क्षेत्रीय संतुलन और विभागों के पुनर्वितरण पर रहेगा जोर

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रिमंडल में मंगलवार को फेरबदल होने की संभावना है। नए मंत्रियों को शामिल करने की तैयारी के बीच मंत्रिमंडल की मौजूदा संरचना में बदलाव और विभागों के पुनर्वितरण को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है।

चर्चा है कि इस कवायद में दो मौजूदा मंत्रियों को हटाया जा सकता है, हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार को लोक भवन में होने की संभावना है, जहां उपराज्यपाल मनोज सिन्हा उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिला सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, मंत्रियों के नामों की अंतिम सूची सोमवार शाम या मंगलवार सुबह तक लोक भवन भेजी जा सकती है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा मंत्रिपरिषद में बरकरार रखे गए मौजूदा मंत्रियों को दोबारा शपथ नहीं लेनी होगी। शपथ ग्रहण के बाद विभागों का आवंटन किए जाने की संभावना है।

क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर रहेगा जोर

संभावित फेरबदल में जम्मू और कश्मीर संभाग के बीच क्षेत्रीय संतुलन साधने पर विशेष ध्यान दिए जाने की चर्चा है। जम्मू संभाग के रामबन और पुंछ के अलावा कश्मीर संभाग के अनंतनाग, मध्य कश्मीर तथा उत्तरी कश्मीर के क्षेत्रों को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

राजनीतिक हलकों में रामबन और अनंतनाग के विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा है। कश्मीर के अन्य क्षेत्रों से भी नए चेहरों को मौका मिल सकता है।

दो मंत्रियों को हटाए जाने की भी अटकलें

मंत्रिमंडल में नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावनाओं के बीच दो मौजूदा मंत्रियों को हटाए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संभावित बदलाव में जम्मू संभाग के कम से कम एक मंत्री को मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की चर्चा है।

हालांकि, दूसरे मंत्री की पहचान, दोनों को हटाए जाने के संभावित कारणों और इस संबंध में सरकार के निर्णय को लेकर कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में दो मंत्रियों को हटाए जाने की चर्चा को फिलहाल संभावित घटनाक्रम के रूप में ही देखा जा रहा है।

प्रस्तावित बदलाव केवल नए मंत्रियों की नियुक्ति तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया जा सकता है। कुछ मंत्रियों को नए विभागों की जिम्मेदारी सौंपे जाने, जबकि नए शामिल होने वाले मंत्रियों को महत्वपूर्ण विभाग दिए जाने की संभावना है।

शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला विभागों के आवंटन पर निर्णय ले सकते हैं। विभागों के अंतिम बंटवारे की जानकारी सरकार की औपचारिक घोषणा के बाद ही सामने आएगी।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पहले ही सूची अंतिम होने की दे चुके हैं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा था कि मंत्रियों की सूची को नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के साथ विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप दे दिया गया है। उन्होंने पार्टी सहयोगियों से मंत्री पद पाने के लिए पैरवी करने से बचने की अपील भी की थी।

अब संभावित फेरबदल में नए चेहरों को जगह देने, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का संतुलन बनाने और विभागों की जिम्मेदारियों में बदलाव को लेकर सरकार के फैसले पर नजर है। हालांकि, शपथ ग्रहण समारोह और मंत्रिमंडल की नई संरचना को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

मुख्यमंत्री समेत अधिकतम नौ सदस्य हो सकते हैं मंत्रिपरिषद में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के अनुसार, मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों की कुल संख्या विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 90 निर्वाचित सीटें हैं। इस आधार पर मुख्यमंत्री समेत मंत्रिपरिषद में अधिकतम नौ सदस्य हो सकते हैं।