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शांत माहौल में होगा दुर्लभ हंगुल हिरण का प्रजनन, कश्मीर का डाचीगाम नेशनल पार्क 31 अक्टूबर तक बंद; पर्यटकों की एंट्री बैन

Published: Mon, 12 Oct 2026 04:58 AM (IST)

लुप्तप्राय हंगुल हिरण के प्रजनन काल की सुरक्षा के लिए डाचीगाम नेशनल पार्क को 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।

कश्मीर का डाचीगाम नेशनल पार्क 31 अक्टूबर तक बंद। फोटो जागरण

कश्मीर का डाचीगाम नेशनल पार्क 31 अक्टूबर तक बंद। फोटो जागरण

HighLights

  1. डाचीगाम पार्क हंगुल प्रजनन सुरक्षा हेतु बंद।

  2. 31 अक्टूबर तक पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

  3. वन्यजीवों को शांत, सुरक्षित माहौल प्रदान किया जाएगा।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। कश्मीर की खूबसूरत वादियों में स्थित डाचीगाम नेशनल पार्क घूमने की योजना बना रहे लोगों को फिलहाल इंतजार करना होगा। लुप्तप्राय हंगुल हिरण के प्रजनन काल को सुरक्षित बनाने के लिए पार्क को 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।

अब यहां 1 नवंबर से दोबारा प्रवेश की अनुमति मिलेगी। इस दौरान वन्यजीवों को मानवीय गतिविधियों से दूर, शांत और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

कश्मीर के दुर्लभ वन्यजीवों में शामिल हंगुल के लिए सितंबर के अंतिम सप्ताह से शुरू होने वाला समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। डाचीगाम नेशनल पार्क के प्रभारी रेंजर रईस अहमद रेशी ने बताया कि पार्क बंद करने का आदेश प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ने जारी किया है।

रेशी के अनुसार, हंगुल का प्रजनन काल, जिसे रटिंग सीजन कहा जाता है, लगभग 25 सितंबर से शुरू होकर करीब डेढ़ महीने तक चलता है। इस दौरान जानवरों को शोर, भीड़ और दूसरी मानवीय गतिविधियों से दूर रखना जरूरी है, ताकि उनके प्रजनन में किसी तरह की बाधा न आए।

प्रवेश पर पाबंदी, नियम तोड़ने की नहीं मिलेगी छूट

वन विभाग ने यह कदम वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम और जम्मू-कश्मीर वन्यजीव संरक्षण नियम, 2024 के प्रावधानों के तहत उठाया है। बंदी के दौरान पार्क में आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। केवल अधिकृत विभागीय कर्मचारियों को आने-जाने की अनुमति होगी। सुरक्षा संबंधी जरूरतों के लिए आवश्यकतानुसार प्रवेश दिया जा सकेगा।

पार्क के भीतर निजी वाहनों की आवाजाही पर पहले से लगी रोक भी जारी रहेगी। इसका उद्देश्य वन्यजीवों के प्राकृतिक वातावरण में मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम करना है। रेशी ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में पार्क के वन्यजीवों की आबादी को लेकर उत्साहजनक संकेत मिले हैं। हालांकि, उन्होंने कोई नया जनगणना आंकड़ा साझा नहीं किया।

कश्मीर की विरासत को सुरक्षित रखने की कोशिश

डाचीगाम की यह अस्थायी बंदी केवल पर्यटकों की आवाजाही रोकने का फैसला नहीं, बल्कि कश्मीर की अनमोल वन्यजीव विरासत को सुरक्षित रखने की कोशिश है। अब उम्मीद है कि शांत वातावरण में प्रजनन काल पूरा होने के बाद हंगुल के संरक्षण की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और 1 नवंबर से पर्यटक फिर इस प्राकृतिक धरोहर का दीदार कर सकेंगे।