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जम्मू-कश्मीर: राजौरी के लिए खुला सरकारी खजाना, अब 403 सड़कें और पुल होंगे चकाचक; ₹185 करोड़ का मेगा प्लान तैयार

Published: Tue, 22 Sep 2026 01:48 PM (IST)

राजौरी में हालिया बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्य शुरू कर ...और पढ़ें

राजौरी में 403 सड़क-पुलों के लिए 185 करोड़ रुपये का प्लान।  (फाइल फोटो)

राजौरी में 403 सड़क-पुलों के लिए 185 करोड़ रुपये का प्लान (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 149 परिवारों को SDRF से 40.61 लाख रुपये की सहायता।

  2. मुख्यमंत्री राहत कोष से 2.81 करोड़ रुपये जारी किए गए।

  3. 403 सड़कों-पुलों की बहाली को 185 करोड़ रुपये का प्लान।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। राजौरी में हालिया फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से हुए नुकसान के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने राहत और पुनर्बहाली को लेकर विधानसभा में विस्तृत जानकारी पेश की है। सरकार के अनुसार, प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक मदद देने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़क, पुल, बिजली और जलापूर्ति ढांचे की स्थायी बहाली के लिए भी बड़े स्तर पर योजना तैयार की गई है।

राजौरी विधायक इफ्तिकार अहमद द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने विधानसभा को बताया कि राजौरी विधानसभा क्षेत्र में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से प्रभावित 149 परिवारों के राहत मामले प्राप्त हुए।

निर्धारित एसडीआरएफ मानकों के तहत इन परिवारों को कुल 40.61 लाख रुपये की सहायता वितरित की गई है। इसके अलावा प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 2.81 करोड़ रुपये जारी किए गए, जिसे स्वीकृत मानकों के अनुसार बांटा गया।

बाढ़ से टूटी सड़कें-पुल अब होंगे दुरुस्त

बाढ़ और भूस्खलन ने राजौरी के बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचाया। प्रारंभिक आकलन के आधार पर 403 सड़कों और पुलों की स्थायी बहाली के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस पूरे पुनर्निर्माण पर करीब 185 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

बिजली व्यवस्था को भी बड़ा झटका

पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के आकलन के मुताबिक पूरे राजौरी जिले में बिजली ढांचे को 2,799.16 लाख रुपये का नुकसान हुआ, जिसमें 939.24 लाख रुपये नुकसान राजौरी विधानसभा क्षेत्र में दर्ज किया गया।

सरकार के मुताबिक क्षतिग्रस्त सड़क, पुल, जलापूर्ति और बिजली योजनाओं को एक महीने के भीतर अस्थायी रूप से बहाल कर दिया गया था। अब स्थायी बहाली के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर विचार चल रहा है। वहीं 132-केवी राजौरी-द्राबा ट्रांसमिशन लाइन की स्थायी बहाली के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

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