राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ ¨सह ने शुक्रवार को हुर्रियत कांफ्रेंस समेत विभिन्न अलगाववादियों की सुरक्षा वापस लेने के साथ उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का संकेत दिया। इसके साथ गृह मंत्री ने कि हम आतंकवाद को समाप्त कर उसका नाश करके ही दम लेंगे। हमने सुरक्षाबलों को सुरक्षा, शांति और सदभाव का माहौल बनाए रखने व राष्ट्रविरोधी तत्वों से निपटने के लिए पूरे अधिकार दिए हैं। भविष्य में गोरीपोरा (पुलवामा) जैसी घटनाएं न हों, इसलिए अब जब भी सुरक्षाबलों का कोई बड़ा काफिला किसी जगह से गुजरेगा तो वहां उस समय नागरिक वाहनों पर पाबंदी रहेगी।

जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर पुलवामा के गोरीपोरा में वीरवार को हुए आत्मघाती हमले में 40 सीआारपीएफ जवान शहीद व 40 से ज्यादा जख्मी हो गए थे। हमले से पैदा हुए हालात का जायजा लेने व शहीदों को श्रद्धांजलि देने दोपहर को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ ¨सह श्रीनगर पहुंचे।

यहां पत्रकारों से बातचीत में राजनाथ ने कहा कि यह अत्यंत निदांजनक और कायरतापूर्ण कृत्य है। इसमें शामिल तत्वों को कठोर दंड दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरा देश शहीद जवानों को सलाम करता है। हम शहीदों के परिजनों के साथ खड़े हैं और उनके परिजनों की हर संभव मदद करेंगे। सभी राज्य सरकारों से भी अग्रह किया गया है कि शहीदों के परिजनों की पूरी मदद करें।

घाटी के हालात संबंधी सवाल पर राजनाथ ने कहा कि हमने आज यहां एकीकृत कमांड की बैठक की है। इसमें राज्यपाल सत्यपाल मलिक व सभी सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इसमें हालात का जायजा लिया गया कि कहां चूक हुई है, कैसे इससे बचा जा सकता है। हमने लोगों की सुरक्षा को यकीनी बनाते हुए यहां विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी अधिकार सुरक्षाधिकारियों को दिए हैं। हमारे सुरक्षाबलों का मनोबल बहुत ऊंचा है।

उन्होंने हुर्रियत का नाम लिए बिना कहा कि यहां कुछ तत्व पाकिस्तान व आइएसआइ से पैसा लेते हैं। हम इन लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने जा रहे हैं। हमने संबंधित अधिकारियों को इन लोगों को दी गई सुरक्षा की समीक्षा करने के लिए कहा है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि हम जम्मू कश्मीर के लोगों को यकीन दिलाते हैं कि यहां जो सीमा पार से आतंकवाद को फैलाया जा रहा है, उसे यहां के लोगों और माहौल को तबाह नहीं करने दिया जाएगा। सीमा पार की खुफिया एजेंसी आइएसआई यहां आतंकवाद को समर्थन दे रही है। मैं यह बताना चाहता हूं कि ये लोग घाटी के लोगों की ¨जदगी और भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। जम्मू कश्मीर की जनता हमारे साथ है।

गोरीपोरा जैसी घटनाओं की पुनावृत्ति रोकने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि हमने तय किया है कि जब कभी भी किसी भी इलाके से सुरक्षाबलों का कोई बड़ा काफिला गुजरेगा, वहां कुछ समय तक नागरिक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। इससे आम लोगों को थोड़ी बहुत परेशानी होगी, यह हम समझते हैं। इसके लिए हमें खेद है। इसके अलावा कुछ और भी कदम उठाए जा रहे हैं। कानून हाथ में न लें, संयम बनाए रखें :

जम्मू में भड़की ¨हसा और बंद पर राजनाथ ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जो भी कानून अपने हाथ में लेगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा मेरी सभी से अपील है कि वह संयम बनाए रखें, क्योंकि इस समय राष्ट्रविरोधी ताकतें यहां सांप्रदायिक उन्माद पैदा करना चाहती हैं, हमें उन्हें नाकाम बनाना है। गृह मंत्री ने शहीदों को दिया कंधा :

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीनगर के हुमहामा आरटीसी सेंटर में हमले में शहीद जवानों को कंधा दिया। सुरक्षाबलों के अधिकारियों के साथ उन्होंने पार्थिव शरीर वाहन में भी रखवाए। इससे पहले राजनाथ ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद शहीदों के पार्थिव शरीर विशेष विमान से दिल्ली रवाना कर दिए गए।

Posted By: Jagran

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