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कश्मीर की कालीन बुनाई ने दिलाया राष्ट्रीय सम्मान, रफीक अहमद सोफी को मिला नेशनल अवॉर्ड

Published: Thu, 15 Oct 2026 11:00 PM (IST)

श्रीनगर के मास्टर कारीगर रफीक अहमद सोफी को हाथ से गांठदार कालीन श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 के लिए चुना ...और पढ़ें

कश्मीर के रफीक अहमद सोफी को कालीन बुनाई में मिला राष्ट्रीय सम्मान।

कश्मीर के रफीक अहमद सोफी को कालीन बुनाई में मिला राष्ट्रीय सम्मान।

HighLights

  1. रफीक अहमद सोफी को राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया।

  2. हाथ से गांठदार कालीन कला को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली।

  3. यह सम्मान कश्मीर के कालीन उद्योग को प्रोत्साहन देगा।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। कश्मीर की सदियों पुरानी कालीन बुनाई कला ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। श्रीनगर के ईदगाह निवासी मास्टर कारीगर रफीक अहमद सोफी को हाथ से गांठदार कालीन (हैंड-नॉटेड कारपेट) श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 से सम्मानित करने के लिए चुना गया है। वह इस श्रेणी में जम्मू-कश्मीर के एकमात्र पुरस्कार विजेता हैं।

केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय की ओर से दिए जाने वाले इस सम्मान के लिए सोफी के जिस कालीन का चयन हुआ, उसमें फूलों की बारीक आकृतियां, पारंपरिक वास्तुशिल्पीय डिजाइन और कैलीग्राफी के खूबसूरत तत्व शामिल हैं। उनकी उत्कृष्ट कारीगरी ने कश्मीर के हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र को राष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया है।

हस्तशिल्प एवं हथकरघा निदेशालय, कश्मीर ने सोफी की उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान उनकी असाधारण कला और पारंपरिक कालीन बुनाई में योगदान की पहचान है। इससे घाटी के कालीन उद्योग को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

कश्मीर के हाथ से गांठदार कालीन अपनी बारीक बुनाई, विशिष्ट डिजाइन और ‘तालीम’ तकनीक के लिए प्रसिद्ध हैं। इस पारंपरिक कला को वर्ष 2016 में भौगोलिक संकेतक (GI) पंजीकरण भी मिला था।

सोफी सहित अन्य पुरस्कार विजेताओं को दिसंबर 2026 में आयोजित होने वाले औपचारिक समारोह में सम्मानित किया जाएगा। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के दूसरे कारीगरों के लिए भी प्रेरणा है, ताकि कश्मीर की इस विरासत को गुणवत्ता और कलात्मक उत्कृष्टता के साथ आगे बढ़ाया जा सके।