'जनता के मुद्दे पहले...', जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र से पहले फारूक अब्दुल्ला ने विधायकों को दिया मंत्र
जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र से पहले श्रीनगर में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विधायकों के साथ बैठक की, जिसकी अध्यक्षता फारूक अब्दुल्ला ने ...और पढ़ें
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फारूक अब्दुल्ला ने विधायकों को दिया मंत्र। फाइल फोटो
HighLights
नेकां ने श्रीनगर में विधायकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
फारूक अब्दुल्ला ने जनहित के मुद्दे उठाने पर जोर दिया।
आगामी विधानसभा सत्र में जनता की समस्याओं पर फोकस।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के आगामी सत्र से ठीक पहले सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने रविवार को श्रीनगर में अपने विधायकों और सरकार का समर्थन कर रहे निर्दलीय विधायकों के साथ अहम बैठक की।
बैंक्वेट हॉल में हुई इस बैठक की अध्यक्षता नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने की। बैठक में मुख्यमंत्री और सदन में नेकां के नेता उमर अब्दुल्ला, पार्टी महासचिव हाजी अली मोहम्मद सागर, मुख्य सचेतक हाजी मुबारक गुल समेत पार्टी के विधायक मौजूद रहे।
बैठक में कांग्रेस के वे विधायक भी शामिल हुए जो गठबंधन सरकार का हिस्सा हैं। इसके अलावा सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। विधानसभा का सत्र 21 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा। आधिकारिक विधानसभा पोर्टल के अनुसार इस सत्र के लिए सात बैठक दिवस निर्धारित हैं।
बैठक का मुख्य फोकस विधानसभा सत्र के दौरान उठाए जाने वाले जनहित के मुद्दों, लोगों की मांगों और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं पर रहा। विधायकों के साथ चर्चा में यह तय करने पर जोर दिया गया कि सदन में जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषय प्रभावी तरीके से उठाए जाएं।
फारूक अब्दुल्ला का विधायकों को संदेश
नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने विधायकों से कहा कि उन्हें अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की जनता की परेशानियों और मांगों को प्राथमिकता के साथ विधानसभा में उठाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विधायक सदन में जनता की आवाज को प्रभावी ढंग से सामने रखें और संबंधित मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगें।
उन्होंने कहा कि विधानसभा केवल कानून बनाने का मंच नहीं है, बल्कि यह ऐसा लोकतांत्रिक मंच भी है जहां जनता से जुड़े सवाल उठाए जा सकते हैं, सरकार से जवाब मांगा जा सकता है और सार्वजनिक महत्व के विषयों पर चर्चा की जा सकती है।
जनता से जुड़े मुद्दों पर रहेगा फोकस
बैठक में यह संदेश स्पष्ट रहा कि आगामी सत्र के दौरान जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी जाएगी। विधायकों से अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सदन के पटल तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए प्रभावी ढंग से आवाज उठाने को कहा गया।
ऐसे में सोमवार से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में जनसमस्याओं, क्षेत्रीय मांगों और सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर चर्चा पर नजर रहेगी।
