राज्य ब्यूरो, श्रीनगर: इंटरनेट मीडिया पर अफवाहें फैलाकर और भड़काऊ सामग्री अपलोड कर कश्मीर में कानून व्यवस्था बिगाड़ने में लिप्त तत्वों के खिलाफ पुलिस कठोर कार्रवाई करने जा रही है। इसके साथ ही आतंकियों के ओवरग्राउंड वर्कर के नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूद किया जाएगा। इसके लिए सुनियोजित अभियान चलाए जाएंगे। यह रणनीति मंगलवार को कश्मीर के आइजीपी विजय कुमार के नेतृत्व में हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक में तैयार की गई है।

आइजीपी ने कहा कि कश्मीर में इस साल अब तक सात मुठभेड़ों में एक दर्जन आतंकियों को मार गिराने के बाद यह क्रम टूटना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि कैडर के लगातार घटने से हताश आतंकी व उनके समर्थक और ओवरग्राउंड वर्कर हालात बिगाड़ने के लिए गणतंत्र दिवस पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश करेंगे। इसे नाकाम बनाने के लिए प्रो-एक्टिव एप्रोच के साथ काम करना है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर कई शरारती तत्व सक्रिय हैं।

यह लोग इंटरनेट मीडिया पर फर्जी खबरें चलाकर, भड़काऊ और फर्जी वीडियो अपलोड कर हालात बिगाड़ने और स्थानीय युवाओं में जिहादी मानसिकता भर रहे हैं। ऐसे तत्वों को लगातार चिन्हित कर कार्रवाई की जाए। वर्चुअल मोड पर हुई इस बैठक में वादी के सभी एसएसपी और सभी रेंज के डीआइजी ने भाग लिया। नशा तस्करी की खुद निगरानी करें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आइजीपी ने नशीले पदार्थाें की तस्करी के खिलाफ अभियान तेज करने पर जोर देते हुए कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को खुद निजी तौर पर इन मामलों की निगरानी करनी चाहिए। इसके लिए समाज के गणमान्य नागरिकों और युवाओं के साथ लगातार संवाद-समन्वय बनाया जाना चाहिए।

कोविड प्रोटोकाल का सख्ती से पालन जरूरी आइजीपी ने कहा कि जो भी पुलिसकर्मी फ्रंटलाइन वर्कर हैं, वह सतर्कता डोज लगवाए। कोविड प्रोटोकाल का सख्ती से पालन हो। कोविड की तीसरी लहर के मद्देनजर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए उपलब्ध चिकित्सा ढांचे को तैयार रखा जाए। उन्होंने हिमपात से पैदा हालात में लोगों की मदद के लिए सभी जिलों के एसएसपी को हेल्पलाइन शुरू करने के लिए कहा।