श्रीनगर, रजिया नूर : श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र नौगाम में आतंकी हमले में शहीद हुए पुलिसकर्मी इशफाक अयूब का शव उसके पैतृक इलाके में पहुंचते ही कोहराम मच गया। थोड़ी देर पहले जिस घर में खुशी थी, वहां मातम पसरा था।

श्रीनगर से सटे मलूरा इलाके में इशफाक के घर में शुक्रवार को खूब चहल पहल थी। कारण, उसकी सगाई तय होने वाली थी। उसके परिजनों ने उसे शाम में जल्दी घर आने के लिए कहा था। इशफाक ने भी ड्यूटी से जल्द लौटने का वादा किया था। घर में मिठाई और तोहफे पैक किए जा रहे थे। रिश्तेदार बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें पता नहीं था कि इशफाक की जगह उसका शव आएगा। उसके ससुराल के लिए रखी गई मिठाई व तोहफे उसके ताबूत की नजर हो जाएगी।

इशफाक के परिजन दाऊद ने बताया कि हम तो उसके होने वाले ससुराल जाने की तैयारी कर रहे थे। बड़ा बेटा होने के नाते उसके मां बाप उसकी जल्द शादी करना चाहते थे। आज शाम हम उसकी सगाई कर शादी की तारीख तय करने वाले थे, लेकिन सब कुछ धरा रह गया। दाऊद ने कहा कि हम गरीब किसान हैं। खेतीबाड़ी कर अपना गुजारा करते हैं। इशफाक के मां बाप ने भी काफी गरीबी देखी है। इसके बावजूद उन्होंने मेहनत मजदूरी कर उसे पढ़ाया लिखाया और पिछले साल ही उसे पुलिस में भर्ती कराया था।

रोजगार का बंदोबस्त होने के बाद घरवाले अब जल्द ही उसके सिर पर सेहरा सजाना चाहते थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वह उनके सारे सपनों को तोड़ देगा। कोरोना महामारी के बावजूद सैकड़ों लोग उसके जनाजे में शामिल हुए और नम आंखों से उसे सुपुर्द ए खाक किया। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है।

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