राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग-पुलवामा संसदीय सीट पर भाजपा प्रत्याशी सोफी यूसुफ की सुरक्षा में तैनात पुलिस जिप्सी में शनिवार को कार्यकर्ताओं के लिए बंट रहे खाने के पैकेटों का वीडियो वायरल हुआ। वहीं पुलिस प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के आदेश जारी किए। जिप्सी को वापस लेने के साथ चालक को भी निलंबित कर दिया है। अनंतनाग के खन्नबल में भाजपा राष्ट्रीय महासचिव राममाधव ने भाजपा उम्मीदवार सोफी मोहम्मद यूसुफ के पक्ष में चुनावी रैली को संबोधित किया। रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रैली में आए भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं व समर्थकों के लिए खाने-पीने का बंदोबस्त किया गया था। दोपहर को पुलिस जिप्सी रैलीस्थल पर पहुंची। जिप्सी को देखते ही भाजपा नेता, कार्यकर्ता व समर्थक उसके पास जमा हो गए। खाने के पैकेट लेने के लिए मारामारी मच गई। पुलिस जिप्सी में खाना बंटने का वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस वाहन का सुरक्षा के बजाय अन्य गतिविधियों मे इस्तेमाल होने को जब आदर्श चुनाव आचार संहिता के उललंघन से जोड़ा जाने लगा तो पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। पुलिस प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया पर जिस जिप्सी को दिखाया है,वह एक संरक्षित व्यक्ति के सुरक्षाचक्र में तैनात सुरक्षाकर्मियों का वाहन है। इस वाहन को वापस बुलाने के साथ चालक को निलंबित कर पूरे मामले की जांच का आदेश दे दिया है। उमर ने पुलिस को सराहा

पूर्व मुख्यमंत्री और नेकां उपापध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने इस मामले पर कड़ा नोटिस लेते हुए तंज किया है। उन्होंने टवीटर पर लिखा है कि बहुत बढि़या, जम्मू कश्मीर पुलिस। आपने हमेशा ही जरूरतमंदों की मदद की है। यह उसका ही उदाहरण है। आपने आदर्श चुनाव आचार संहिता को दरकिना करते हुए राजनीतिक दल की जरूरत के समय मदद की है। अपनी यह मदद सिर्फ खाने पीने के सामान और पानी उपलब्ध कराने तक ही सीमित रेखें। उम्मीद करते हैं कि आप वोगस बोटिग में मदद नहीं करेंगे।

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Posted By: Jagran