राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : नेशनल कांफ्रेंस के बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने वीरवार को कहा कि जब तक राज्य प्रशासन व केंद्र सरकार 35ए और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट नहीं करती, पीडीपी स्थानीय निकाय व पंचायत चुनावों में हिस्सा नहीं लेगी। हालांकि पीडीपी ने इस मुद्दे पर और चर्चा करते हुए लोगों के हित को देखते हुए अंतिम फैसला लेने का विकल्प खुला रखा है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में उनके निवास पर पार्टी की कोर ग्रुप की मैराथन बैठक हुई। तीन घंटे चली इस बैठक के बाद महबूबा के बजाय पार्टी प्रवक्ता रफी अहमद मीर ने पूर्व मंत्री चौधरी जुल्फिकार अली के साथ पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात चुनाव लायक नहीं हैं। रफी मीर ने कहा कि एक तरफ 35ए को भंग करने के लिए सर्वाेच्च नयायालय में याचिका पर सुनवाई चल रही है और राज्य के लोग इस अनुच्छेद को बनाए रखने के लिए लामबंद हो रहे हैं। लोगों में कई तरह की शंकाएं पैदा हो रही हैं। इसके अलावा चुनावों का एलान करने से पहले उनके संदर्भ में सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए थी, ताकि सभी दल अपना पक्ष रखते। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार इन चुनावों को कराने की जल्दबाजी में है, जो कई तरह की शंकाओं को पैदा करती है। उन्होंने कहा कि इसलिए हमने तय किया है कि जब तक लोगों में पैदा सभी शंकाओं का समाधान नहीं किया जाता, हम इन चुनावों में भाग नहीं लेंगे। हमारा मानना है कि इस विषय में एक व्यापक विचार विमर्श की जरूरत है, हम सभी से इस विषय में चर्चा करेंगे और लोगों के हित को देखते ही हम अंतिम फैसला लेंगे। गौरतलब है कि अक्तूबर में स्थानीय निकाय और नवंबर-दिसंबर में पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं, लेकिन नेशनल कांफ्रेंस ने गत बुधवार को अनुच्छेद 35ए के संरक्षण की मांग व कश्मीर के हालात का हवाला देकर चुनावों के बहिष्कार का एलान किया था।