विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अनंतनाग में पथरी के ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत! निजी अस्पताल पर भड़के परिजन, लापरवाही का आरोप

Published: Sat, 29 Aug 2026 06:02 PM (IST)

अनंतनाग के एक निजी अस्पताल में किडनी की पथरी की सर्जरी के बाद 35 वर्षीय मरीज मुश्ताक अहमद वानी की ...और पढ़ें

किडनी स्टोन की सर्जरी के बाद 35 साल के मरीज की मौत। (फाइल फोटो)

किडनी स्टोन की सर्जरी के बाद 35 साल के मरीज की मौत(फाइल फोटो)

HighLights

  1. अनंतनाग में किडनी सर्जरी के बाद मरीज की मौत।

  2. परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।

  3. पुलिस ने मामले का संज्ञान लेकर जांच शुरू की।

जागरण संवाददाता, श्रीनगर: किडनी में पथरी की सर्जरी कराने अनंतनाग के एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीज की जान चली गई। परिवार के लोगों ने डाक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन ने सर्जरी में किसी भी प्रकार की लापरवाही को निराधार बताया है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार देर शाम को हुई। जिले के मिड सिटी अस्पताल में मरीज 35 वर्षीय मुश्ताक अहमद वानी निवासी कैमोह, कुलगाम को किडनी के पथरी की सर्जरी के लिए भर्ती कराया गया था। सर्जरी के बाद परिवार का कहना है कि मरीज की हालत बिगड़ गई।

डॉक्टर देते रहे ठीक होने का भरोसा

उन्होंने डाक्टरों को सूचित किया, लेकिन डाक्टरों ने आश्वासन दिया कि उसकी स्थिति जल्दी ही ठीक हो जाएगी। इसके बावजूद, मरीज की हालत बिगड़ती रही और 29 अगस्त की तड़के उसकी मौत हो गई। इसके बाद मरीज के परिवार के सदस्यों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने अस्पताल में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि डाक्टरों ने सही से इलाज नहीं किया और सर्जरी के दौरान कोई गड़बड़ी की। 

अस्पताल ने एम्बोलिज्म या हार्ट अटैक की जताई आशंका

अस्पताल के डॉ. जहूर गिलकर ने कहा कि मरीज को पीसीएनएल दिया गया था और वह शुक्रवार शाम को ठीक था। उन्होंने बताया कि मरीज को ओरल दवाएं भी दी गई थीं।

डॉ. गिलकर ने कहा कि सुबह मरीज वार्ड में टहलने गया था और वहीं गिर गया। यह घटना एम्बोलिज्म या मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (एमआइ) का परिणाम हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि मरीज उस समय स्थिर और पूरी तरह से ठीक था।

इस बीच, पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सभी प्रक्रियाएं सही तरीके से की गई थीं।