कश्मीर के 'लाल सोने' पर संकट! पांपोर में 1.75 क्विंटल केसर बीज जब्त, बाहर ले जाने की थी तैयारी
पुलवामा के पांपोर में पुलिस ने 1.75 क्विंटल केसर के बीज की बड़ी खेप पकड़ी है, जिसे जम्मू-कश्मीर से बाहर ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर से बाहर केसर के बीज की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध। (फाइल फोटो)
HighLights
पांपोर में 1.75 क्विंटल केसर बीज की खेप जब्त।
बीजों को जम्मू-कश्मीर से बाहर ले जाने का प्रयास था।
यह कार्रवाई केसर की खेती और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के पांपोर इलाके में पुलिस ने केसर की खेती के लिए बेहद अहम माने जाने वाले केसर के बीज की बड़ी खेप पकड़ी है। अधिकारियों के मुताबिक, लगभग 1.75 क्विंटल केसर बीज जब्त किए गए हैं, जिन्हें जम्मू-कश्मीर से बाहर ले जाया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार, पांपोर पुलिस स्टेशन ने केसर बीज की तस्करी को रोकने के लिए विशेष नाका लगाया था। इसी चेकिंग के दौरान एक वाहन से ये बीज बरामद हुए। कृषि अधिकारी आशिक हुसैन ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश से बाहर केसर के बीज की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध है और इसी कानून के तहत यह कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि पांपोर पुलिस स्टेशन द्वारा लगाए गए नाके पर जांच के दौरान यह मात्रा जब्त की गई। जब्त किए गए सभी बीजों को कानूनी औपचारिकताओं और आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस स्टेशन में ही कृषि विभाग को सौंपा जा रहा है।
बाहर जा रहा बीज तो घाटी में पड़ेगा संकट
कृषि अधिकारी ने इस कार्रवाई के पीछे की बड़ी वजह भी साफ की। उन्होंने कहा कि यह रोपण सामग्री कश्मीर की है, खासतौर पर पांपोर की, जिसे दुनिया भर में ''केसर की राजधानी'' कहा जाता है।
अगर इस बीज को लगातार बाहर ले जाया गया तो घाटी में ही इसकी भारी कमी हो जाएगी। इससे न सिर्फ स्थानीय किसानों को खेती के लिए बीज नहीं मिलेगा, बल्कि इस पारंपरिक और जीआई टैग प्राप्त फसल को संरक्षित करने के सरकारी प्रयासों को भी गहरा झटका लगेगा।
पांपोर का केसर दुनिया में मशहूर
आपको बता दें कि पांपोर का केसर अपनी गुणवत्ता, रंग और खुशबू के लिए दुनिया में मशहूर है और हजारों परिवारों की रोजी-रोटी इसी पर टिकी है। ऐसे में बीज की तस्करी सीधे तौर पर कश्मीर की अर्थव्यवस्था और उसकी सांस्कृतिक पहचान पर हमला है।
पुलिस और कृषि विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई को स्थानीय किसानों ने सराहा है और मांग की है कि ऐसी सख्ती लगातार जारी रहनी चाहिए।
