BRICS समिट में हमले की फिराक में था पाकिस्तान, जम्मू-पंजाब को दहलाने की साजिश नाकाम; खुफिया तंत्र ने ऐसे फेरा पानी
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब में बड़े आतंकी हमले की साजिश रची थी, जिसे भारतीय खुफिया ...और पढ़ें

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान जम्मू कश्मीर-पंजाब में हमले की फिराक में था पाकिस्तान। (फाइल फोटो)
HighLights
पाकिस्तान ने ब्रिक्स सम्मेलन में आतंकी हमले की साजिश रची।
जम्मू-कश्मीर और पंजाब में घुसपैठ की थी तैयारी।
भारतीय सुरक्षाबलों ने समय रहते साजिश को विफल किया।
नवीन नवाज, श्रीनगर। नई दिल्ली में जब ब्रिक्स सम्मेलन में विभिन्न देशों के नेता जुटे हुए थे, पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर और पंजाब में एक बड़े आतंकी हमले का षडयंत्र रचा था। इसके लिए उसने आत्मघाती आतंकियों के दो से तीन दस्तों को भी तैयार कर लिया था,लेकिन भारतीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की सजगता के चलते ब्रिक्स सम्मेलनमें खलल डालने का पाकस्तानी मंसूबा नाकाम रहा।
खुफिया एजेंसियों ने चेताया है कि पाक सेना-ISI अगले कुछ दिनों में फिर से आतंकियों की घुसपैठ कराने का प्रयास कर सकती है। इसके आधार पर अग्रिम सीमावर्ती इलाकों में चौकसी का स्तर बढ़ाया गया है और सभी संदिग्ध तत्वों की भी लगातार निगरानी की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि 12-13 सितंबर को विश्व के 11 ताकतवर मुल्कों के प्रमुख नेता ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली में मौजूद थे। यह सम्मेलन पूरी तरह सफल रहा और पूरी दुनिया में भारत अपना प्रभाव साबित करने में सफल रहा है। इसी सम्मेलन में पहलगाम हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई जो पाकिस्तान के लिए एक बड़ा आघात और भारत की कूटनीतिक जीत भी है।
पाक सेना-ISI ने तैयार किया था पूरा प्लान
संबधित सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान जम्मू कश्मीर में और पंजाब में आतंकी हमले के जरिए गड़बड़ी पैदा करने और सम्मेलन को नुक्सान पहुंचाने का षडयंत्र रचा था। इसके लिए पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने आत्मघाती आतंकियों के दो दस्तों को तैयार किया था।
इन्हें जम्मू-कश्मीर के हीरानगर सेक्टर और पंजाब के बमियाल जोकि पठानकोट जिले का हिस्सा है, में अंतरराष्ट्री सीमा पार करा भारत में दाखिल कराना था। इन आतंिकयों को पाकिस्तानी पंजाब के चक अमरु और सुखमाल इलाके में स्थित आतंकी लांचिंग पैड पर रखा गया था।
अमरु चक और सुखमाल को लश्कर और जैश ए मोहम्मद के आतंकियों द्वारा जम्मू कश्मीर में विशेषकर जम्मू प्रांत में घुसपैठ के लिए बेस कैंप अौर लांचिंग पैड के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
हीरानगर से पठानकोट तक आतंकी घुसपैठ का पुराना रूट
उन्होंने बताया कि बमियाल का इलाका जोकि उज्ज व रावि दरिया के साथ लगता है और एक तरफ से जिला कठुआ के अंतर्गत कोट पुन्नु व हीरानगरा सेक्टर से सटा है, भी आतंकियों द्वारा घुसपैठ के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इन इलाकों से घुसपैठ करने वाले आतंकियों के लिए जम्मू कश्मीर में पठानकोट-जम्मू हाइवे पर पहुंचना और निकटवर्ती सैन्य शिविरों व अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को नुक्सान पहुंचाना आसान रहता है।
अतीत में उन्होंने कई बार हीरानगर,सांबा और जम्मू में आत्मघाती हमलों के लिए इसी सेक्टर से घुसपैठ की है। पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले जैश के आतंकियों ने बमियाल के इलाके से घुसपैठ की थी।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और आतंकी संगठनों ने घुसपैठ के लिए इन दोनों सेक्टरों का चुनाव बहुत सोच समझकर किया था, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय सीमा के इस तरफ घनी आबादी भी है और कई जगह नदी नाले हैं जो घुसपैठियों के लिए मददगार साबित होते हैं। अंतरराष्टीय सीमा के पार पाकिस्तान के अमरुचक में भी घनी आबादी है।
साजिश की भनक लगते ही बॉर्डर पर बढ़ा अलर्ट
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान आतंकी हमले के रचे जा रहे षडयंत्र की सूचना मिलते ही संबधित एजेंसियों ने अग्रिम सीमावर्ती इलाकों में समन्वित तलाशी अभियान चलाया। इसके साथ ही आनग्राउंड खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया गया।
चिह्नित किए गए सभी संवेदनशील रास्तों पर विशेष नाके स्थापित करने के अलावा निगरानी के लिए ड्रोन की भ्ीा मदद ली गई। इस दौरान संबधित इलाकों में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार पाकिस्तानी रेंजर्स की गतिविधियों में भी तेजी आई और दो से तीन बार कुछ लोग आगे भी बढ़े,लेकिन अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से वापस लौट गाए।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान अगर आतंकी वारदात होने पर जहां पूरी दुनिया में न सिर्फ भारत की साख को धक्का पहुंचता, बल्कि यह संदेश जाता कि कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है। इससे पाकिस्तान सरकार भी अपनी जनता का ध्यान पाकिस्तान में बिगड़े हालात से हटता।्
