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उमर सरकार पंचायत-निकाय चुनाव से क्यों घबरा रही? सुनील शर्मा ने उठाए सवाल, बोले- हार के डर से कतरा रही नेकां

Published: Thu, 22 Oct 2026 05:56 PM (IST)

नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने उमर सरकार पर पंचायत-नगर निकाय चुनावों में देरी का आरोप लगाया, कहा कि सरकार हार के डर से चुनाव कराने से बच रही है।

नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा का उमर सरकार पर हमला। (फाइल फोटो)

नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा का उमर सरकार पर हमला। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सुनील शर्मा ने उमर सरकार पर चुनाव टालने का आरोप लगाया।

  2. कहा, सरकार हार के डर से चुनाव कराने से बच रही।

  3. बिजली, गैस, रोजगार वादों पर भी सरकार को घेरा।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में पंचायत और नगर निकाय चुनावों में देरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली उमर अब्दुल्ला सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार हार के डर से चुनाव कराने से बच रही है। उन्होंने कहा कि ये चुनाव मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार के लिए अग्निपरीक्षा साबित होंगे, जिसमें जनता उसके कामकाज का फैसला करेगी।

पूर्व संगठन महासचिव अशोक कौल के विदाई समारोह में शामिल होने के लिए श्रीनगर पहुंचे शर्मा ने कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस नहीं चाहती कि जम्मू-कश्मीर में कोई दूसरा राजनीतिक विकल्प उभरकर सामने आए।

उन्होंने पंचायत चुनाव में देरी के लिए अब्दुल्ला परिवार के अहंकार, घमंड और सत्ता में दूसरों को प्रतिनिधित्व देने की अनिच्छा को जिम्मेदार ठहराया।

बिजली, गैस, रोजगार और राशन पर सरकार को घेरा

सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली, रसोई गैस सिलेंडर, रोजगार और राशन की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही है।

उनके मुताबिक, पंचायत और नगर निकाय चुनाव जनता को सरकार के प्रदर्शन का आकलन करने का मौका देंगे। उन्होंने दावा किया कि चुनाव होने पर नेशनल कॉन्फ्रेंस को करारी हार का सामना करना पड़ सकता है।

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर सुनील शर्मा का बयान

नेता प्रतिपक्ष ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में आतंकवाद की घटनाओं और गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है। साथ ही दावा किया कि पिछले दो वर्षों में किसी भी स्थानीय युवा ने आतंकवादी संगठनों का रास्ता नहीं अपनाया है।