'स्टेटहुड के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है उमर सरकार', जम्मू-कश्मीर के बारामूला में गरजे नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने बारामूला में नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बिजली बिल वृद्धि को लेकर तीखा हमला बोला।
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जम्मू-कश्मीर में सुनील शर्मा का उमर सरकार पर बड़ा हमला।
HighLights
सरकार राज्य के दर्जे की बहाली से जनता का ध्यान भटका रही
भ्रष्टाचार और बेरोजगारी ने जम्मू-कश्मीर में चिंताजनक स्तर पार किया
बढ़ते बिजली बिल और आउटसोर्सिंग से जनता परेशान, फंड का दुरुपयोग
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने बारामूला में नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य के दर्जे की बहाली के मुद्दे को ढाल बनाकर उमर सरकार जमीनी मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रही है।
बारामूला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुनील शर्मा ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी ने चिंताजनक स्तर पार कर लिया है। सरकार को चाहिए कि वह बड़े राजनीतिक नारों से बाहर निकलकर सीधे जनता से जुड़े मुद्दों पर फोकस करे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनी हुई सरकार के पास जनता के प्रति जवाबदेही है और उसके पास पर्याप्त शक्तियां और संसाधन भी मौजूद हैं, लेकिन उनका सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि उन्हें हमारे लिए रास्ता बनाना चाहिए। हम दिखाएंगे कि कैसे काम किया जाता है। उनके पास काम है, लेकिन वे इसका उपयोग नहीं कर रहे हैं।' शर्मा का इशारा साफ था कि सरकार के पास प्रशासनिक शक्तियां हैं, बावजूद इसके विकास कार्य जमीन पर नहीं दिख रहे।
आउटसोर्सिंग और बढ़ते बिजली बिल पर घेरा
रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सुनील शर्मा ने कहा कि युवाओं के लिए स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। सरकारी नौकरियों में नियमित भर्तियों की जगह आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे जम्मू-कश्मीर के पढ़े-लिखे युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। बेरोजगारी आज सबसे बड़ी चिंता बनी हुई
है।
इसके साथ ही उन्होंने बिजली के बढ़े हुए दामों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। शर्मा ने कहा कि बिजली के टैरिफ में बढ़ोतरी ने आम घरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। महंगाई के दौर में जनता पहले से ही परेशान है और ऊपर से बिजली बिल ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
शर्मा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया पैसा जमीन पर सही तरीके से खर्च नहीं हो रहा है। विकास के लिए आया फंड लोगों तक नहीं पहुंच रहा। उन्होंने इसे पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में हो रही देरी से भी जोड़ा।
उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी जिम्मेदारी समझता है और जनता की आवाज बनकर हर मंच पर सवाल उठाता रहेगा। चाहे विधानसभा हो या अन्य लोकतांत्रिक मंच, वे एनएचएम कर्मचारियों, दैनिक वेतनभोगी मजदूरों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित समाज के हर वर्ग के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहेंगे और सरकार से जवाबदेही मांगेंगे।
