'मैं जानता हूं कौन हैं ये लोग...', सरकार विरोधियों पर बरसे उमर, बोले- आज जो विधायक गिन रहे, उनके नाम भी सामने आएंगे
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर सरकार की स्थिरता पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए विधायकों पर पूर्ण विश्वास ...और पढ़ें

CM उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'मुझे अपने लोगों पर पूरा भरोसा है।' (फाइल फोटो)
HighLights
उमर अब्दुल्ला ने सरकार की स्थिरता के सवालों को खारिज किया।
विधायकों पर पूरा भरोसा, पाला बदलने की अटकलों को नकारा।
सरकार विरोधी अभियान चलाने वालों को खुली चुनौती दी।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में अपनी सरकार की स्थिरता को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने सरकार गिरने या विधायकों के पाला बदलने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है। साथ ही उन्होंने पर्दे के पीछे से सरकार के खिलाफ कथित तौर पर अभियान चलाने वालों को भी खुली चुनौती दे दी।
एसकेआईसीसी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उमर अब्दुल्ला से पूछा गया कि क्या उन्हें डर है कि उनके कुछ विधायकों को तोड़ने की कोशिश हो सकती है। मुख्यमंत्री ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि मुझे बिल्कुल डर नहीं है। मुझे अपने लोगों पर पूरा भरोसा है।
इसके बाद उमर ने उन लोगों पर निशाना साधा जो उनकी सरकार की स्थिरता को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने बिना नाम लिए आरोप लगाया कि कुछ लोग गुपकर रोड स्थित एजेंसियों के कार्यालयों से कथित तौर पर लिफाफे लेकर सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में लगे हैं।
सरकार विरोध पर उमर का तंज
उमर ने कहा कि मैं जानता हूं कि वे कौन हैं। ये वही लोग हैं जो गुपकर रोड स्थित एजेंसियों के कार्यालयों से अपने लिफाफे लेते हैं। सरकार बनने के तुरंत बाद यही लोग मेरे कार्यालय पहुंचे थे और अपने लिए जगह बनाने की मांग कर रहे थे।
सत्ता में हिस्सेदारी या पद नहीं मिलने के बाद यही लोग अब सरकार के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। उमर ने संकेत दिया कि सरकार की आलोचना के पीछे जनता का मुद्दा कम और निजी नाराजगी तथा स्वार्थ ज्यादा है।
उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता कि उनकी बेइज्जती हो, इसलिए मैंने अब तक अपना मुंह बंद रखा है, लेकिन रिमोट हटा दीजिए, ये लोग खुद मेरे कार्यालय पहुंचेंगे। आज जो विधायक गिन रहे हैं, उनके नाम भी सामने आ जाएंगे।
'फ्लैट मिल जाता तो क्या इतनी हिम्मत होती?'
सरकार के आलोचक टिप्पणीकारों पर भी मुख्यमंत्री ने जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी आवास या किसी अन्य सुविधा से वंचित होने के बाद कुछ लोग इंटरनेट मीडिया को सरकार के खिलाफ नफरत और दुष्प्रचार का मंच बना रहे हैं।
यह वही टिप्पणीकार हैं जिन्हें सरकारी मकान नहीं मिलता, इसलिए इंटरनेट मीडिया के जरिए सरकार के खिलाफ लिखते हैं। अगर मैंने उन्हें जवाहर नगर में एक फ्लैट दे दिया होता, तो क्या उनमें इस तरह लिखने की हिम्मत होती?
