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'SIR रद हो...', वोटर लिस्ट में बदलाव पर भड़के CM उमर अब्दुल्ला, CEC के इस्तीफे की भी मांग

Published: Sat, 10 Oct 2026 11:32 AM (GMT+05:30)

उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को रद्द कर पुरानी सूचियां बहाल करने की मांग ...और पढ़ें

उमर अब्दुल्ला ने SIR रद्द कर पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग की। (फाइल फोटो)

उमर अब्दुल्ला ने SIR रद्द कर पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग की। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. एसआइआर रद्द कर पुरानी मतदाता सूची बहाल हो: उमर

  2. कथित वोट चोरी पर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

  3. भाजपा-चुनाव आयोग की मिलीभगत, परिसीमन पर भी सवाल

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को पूरी तरह रद कर पुरानी मतदाता सूचियां बहाल करने की मांग की है। शुक्रवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने से पहले पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कथित वोट चोरी को गंभीर मुद्दा बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग की।

उमर ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद चुनाव हैं। यदि चुनाव प्रक्रिया ही निष्पक्ष नहीं होगी, तो लोकतंत्र का अर्थ क्या रह जाएगा?

उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में बदलाव और मतदाताओं के नाम हटाने की कथित अनियमितताओं से भाजपा को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। उन्होंने मांग की कि इन मामलों की समीक्षा कर खामियां दूर की जाएं और पुरानी मतदाता सूचियां बहाल हों।

चुनाव आयोग से सवाल, जवाब भाजपा क्यों दे रही?

मुख्यमंत्री ने भाजपा और चुनाव आयोग के संबंधों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष सवाल चुनाव आयोग से करता है, लेकिन जवाब भाजपा की ओर से आता है। ऐसा क्यों?

उन्होंने कहा कि इससे दोनों के बीच कथित मिलीभगत को लेकर संदेह गहराता है। उमर के अनुसार, अब मीडिया में सामने आ रही खबरों से चुनाव आयोग के भीतर भी इस मुद्दे पर मतभेद होने की बात उजागर हुई है।

परिसीमन पर भी भाजपा को घेरा

उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में हुए परिसीमन को भी निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन से भाजपा को राजनीतिक लाभ मिला।

उन्होंने दावा किया कि परिसीमन के दौरान सात सीटें बढ़ाई गईं, जिनमें से छह पर भाजपा ने जीत दर्ज की। उनके मुताबिक, विपक्ष पहले भी परिसीमन की निष्पक्षता पर सवाल उठाता रहा है और मौजूदा विवाद को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।