उल्टा तिरंगा पकड़ने पर घिरीं महबूबा, बचाव में आए CM उमर अब्दुल्ला, बोले- 'अनजाने में हुई चूक, इसे मुद्दा न बनाएं'
महबूबा मुफ्ती द्वारा विरोध प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज उल्टा पकड़े जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। उमर अब्दुल्ला ...और पढ़ें

उल्टा तिरंगा विवाद: उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती का किया बचाव, बोले- अनजाने में हुई चूक।
HighLights
महबूबा मुफ्ती ने विरोध प्रदर्शन में उल्टा तिरंगा पकड़ा।
उमर अब्दुल्ला ने इसे अनजाने में हुई गलती बताया।
राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर फ्लैग कोड के नियम।
डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती द्वारा कथित तौर पर राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा पकड़ने के विवाद को कमतर आंकते हुए कहा कि उनका मानना है कि यह एक अनजाने में हुई गलती थी और जानबूझकर किया गया कृत्य नहीं।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती मंगलवार रात श्रीनगर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उल्टा राष्ट्रीय ध्वज पकड़े हुए दिखाई दीं।
महबूबा मुफ्ती ने अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया। यह धरना-प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर के विशेष स्वायत्त दर्जे को खत्म करने, यानी अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A को निरस्त करने के विरोध में किया जा रहा था।
इसी प्रदर्शन के दौरान महबूबा मुफ्ती हाथ में दो झंडे लिए हुए नजर आईं - एक जम्मू-कश्मीर के पूर्ववर्ती राज्य का झंडा और दूसरा भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा। लेकिन इसी दौरान कैमरे में कैद हुई तस्वीरों और वीडियो में देखा गया कि उनके हाथ में तिरंगा उल्टा था। इसके बाद से ही इसको लेकर विवाद शुरू हो गया और सियासी बयानबाजी तेज हो गई।
कोई मुख्यमंत्री जानबूझकर ऐसा नहीं कर सकता- उमर अब्दुल्ला
पुंछ जिले की बाढ़ प्रभावित सुरनकोट तहसील के दौरे के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि वह स्वीकार नहीं कर सकते कि जिसने मुख्यमंत्री के रूप में काम किया हो, वह जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा प्रदर्शित करेगी।
अब्दुल्ला ने कहा, 'आपको यह सवाल उनसे (महबूबा) पूछना चाहिए। मेरा मानना है कि राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ी घटना एक गलती रही होगी। मैं यह स्वीकार नहीं कर सकता कि जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री के रूप में काम कर चुकी कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा प्रदर्शित करेगी।'
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर अनजाने में झंडा उल्टा पकड़ा गया था, तो गलती को केवल स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि यह जानबूझकर किया गया था।' यह अनजाने में हुई चूक, इसे मुद्दा न बनाएं।
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क्या कहता है नियम?
भारत में राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन और सम्मान को लेकर सख्त नियम हैं, जिसे Flag Code of India कहा जाता है। इस कोड के अनुसार तिरंगे का गलत तरीके से प्रदर्शन करना एक उल्लंघन माना जाता है।
नियमों के मुताबिक, तिरंगे को उल्टा पकड़ना, उसके रंगों को गलत क्रम में दिखाना, गलत अनुपात में बनाना या फटे-कटे कपड़े वाले झंडे का इस्तेमाल करना, ये सभी Flag Code का उल्लंघन है।
भारतीय तिरंगे के नियम बहुत स्पष्ट हैं। झंडे में सबसे ऊपर की पट्टी हमेशा केसरिया रंग की होनी चाहिए, बीच की पट्टी सफेद होनी चाहिए जिसके बीच में 24 तीलियों वाला गहरे नीले रंग का अशोक चक्र होता है, और सबसे नीचे की पट्टी हरे रंग की होनी चाहिए।
अगर इन नियमों का पालन नहीं किया जाता है, तो इसे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान माना जाता है। हालांकि इस मामले में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे एक मानवीय भूल के तौर पर देखा है और इसे जानबूझकर किया गया कृत्य मानने से इनकार किया है।
