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राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने लिथपोरा, पुलवामा में 30 दिसंबर 2017 को हुए आत्मघाती हमले की साजिश में लिप्त जैश-ए-मोहम्मद के एक और ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) सईद हिलाल अंद्राबी को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। करीब छह दिन पहले ही एनआइए ने एक अन्य साजिशकर्ता निसार अहमद तांत्रे को दुबई से लौटते ही नई दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा था। इस हमले की साजिश में अभी तक कुल चार लोग पकड़े जा चुके हैं।

गौरतलब है कि लिथपोरा स्थित सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर पर 30 दिसंबर 2017 को आधी रात के करीब जैश-ए-मोहम्मद के तीन आत्मघाती आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में पांच सीआरपीएफ कर्मी शहीद व तीन अन्य घायल हुए थे। जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकी मारे गए थे। इन तीन आतंकियों में एक गुलाम कश्मीर में रावलकोट का रहने वाला अब्दुल शकूर था और दो अन्य फरदीन अहमद खांडे पुत्र गुलाम मोहिउदीन खांडे निवासी नाजिमपोरा, त्राल, कश्मीर और मंजूर बाबा पुत्र अली मोहम्मद बाबा निवासी द्रबगाम, पुलवामा, कश्मीर थे। फरदीन के पिता राज्य पुलिस विभाग में कार्यरत हैं।

एनआइए के प्रवक्ता ने बताया कि लिथपोरा हमले की जांच के सिलसिले में ही सईद हिलाल अंद्राबी को पकड़ा गया है। वह जैश-ए-मोहम्मद का एक सक्रिय ओवरग्राउंड वर्कर है और उसने लिथपोरा आतंकी हमले में अहम भूमिका निभाई। उसने ही ग्रुप सेंटर की रेकी करते हुए हमले की रूपरेखा तैयार करने में आतंकियों की मदद की। उसने हमले में लिप्त आतंकियों के लिए ठिकाने, हथियार व अन्य साजो सामान का भी बंदोबस्त किया। सईद हिलाल अंद्राबी को गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश किया गया और उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर पूछताछ के लिए लिया गया है।

एनआइए के प्रवक्ता ने बताया कि सईद हिलाल अंद्राबी की गिरफ्तारी के साथ ही लिथपोरा सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर आत्मघाती हमले के सिलसिले में पकड़े गए लोगों की तादाद भी चार हो गई है। अन्य तीन फैयाज अहमद मागरे निवासी लिथपोरा, पुलवामा, कश्मीर, मंजूर अहमद बट निवासी पांपोर, कश्मीर और निसार अहमत तांत्रे निवासी डार गनई गुंड, त्राल, कश्मीर हैं।

Posted By: Jagran

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