राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) के कड़े रुख के बाद आतंकी फंडिंग मामले में घिरे ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी गुट के चेयरमैन मीरवाइज मौलवी उमर फारूक सोमवार को दिल्ली में जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने को तैयार हो गए हैं। एनआइए ने उन्हें एक-एक कर तीन बार नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया था, लेकिन हर बार उन्होंने अपनी जान को खतरे की बात कहकर इन्कार कर दिया था। अब गिरफ्तारी के डर से मीरवाइज ने फैसला लिया कि वह सोमवार को दिल्ली जाएंगे, लेकिन अकेले नहीं। मीरवाइज केसाथ हुर्रियत कांफ्रेंस और अवामी एक्शन कमेटी के वरिष्ठ नेताओं का एक दल भी रहेगा।

गौरतलब है कि वर्ष 2017 में एनआइए ने कश्मीर में आतंकी हिसा व अलगाववादी गतिविधियों में विदेशी फंडिग का मामला दर्ज करते हुए छानबीन शुरू की और एक दर्जन के करीब हुर्रियत नेताओं व उनके सहयोगियों को हिरासत में लिया। यह लोग अभी तिहाड़ जेल में बंद हैं। वहीं मीरवाइज, कट्टरपंथी सैयद अली शाह गिलानी, जफर अकबर फतेह समेत कई अन्य अलगाववादी नेताओं के घरों में भी एनआइए ने छापेमारी की थी। गिलानी के दोनों पुत्रों से भी एनआइए ने बीते साल पूछताछ की थी और उन्हें अब दोबारा दिल्ली हाजिर होने के लिए कहा है। गिलानी का एक दामाद अल्ताफ फंतोश पहले ही एनआइए की हिरासत में है।

मीरवाइज के घर गत माह भी एनआइए ने तलाशी ली थी। इसके साथ ही उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली तलब किय गया था, लेकिन उन्होंने दिल्ली जाने से इन्कार कर दिया था। गत सप्ताह एनआइए ने उन्हें पूछताछ के लिए हाजिर होने का तीसरा नोटिस भेजा था। हालांकि मीरवाइज ने इस पर भी पुराना रुख अपनाए रखा, लेकिन एनआइए के अधिकारियों ने उन्हें दिल्ली में सुरक्षा का समुचित यकीन दिलाने के साथ ही कहा कि अगर वह इस नोटिस पर भी नहीं आएंगे तो फिर उनके नाम गिरफ्तारी का वारंट भी जारी कर किया जा सकता है। उन्हें पकड़कर दिल्ली लाया जाएगा।

एनआइए के कड़े रुख के बाद मीरवाइज ने हुर्रियत कांफ्रेंस और अवामी एक्शन कमेटी के वरिष्ठ नेताओं की एक आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में एनआइए के नोटिस पर विचार विमर्श हुआ और तय किया गया कि मीरवाइज मौलवी उमर फारूक आठ अप्रैल सोमवार को नई दिल्ली एनआइए के समक्ष पेश होंगे। लेकिन वह अकेले दिल्ली नहीं जाएंगे, उनके साथ अवामी एक्शन कमेटी व हुर्रियत के कुछ वरिष्ठ नेताओं के अलावा उनके वकील भी जाएंगे।

Posted By: Jagran