पहलगाम के गुनाहगार समेत लश्कर के 2 कमांडरों पर शिकंजा, NBW जारी; पाकिस्तान से घाटी में आतंकी नेटवर्क चलाने का आरोप
जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क चलाने वाले लश्कर-ए-तैयबा के दो कमांडरों, सैफुल्लाह और खालिद, के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए हैं।

पाकिस्तान से आतंकी नेटवर्क चलाने वाले दो लश्कर कमांडरों के खिलाफ गैर जमानती वारंट।
HighLights
लश्कर के दो पाकिस्तानी कमांडरों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी।
सैफुल्लाह और खालिद पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क चला रहे।
पहलगाम हमले सहित कई आतंकी वारदातों में इनकी संलिप्तता।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। पाकिस्तान में बैठकर जम्मू-कश्मीर में विभिन्न आतंकी वारदातों को अंजाम देने और आतंकी नेटवर्क चलाने में शामिल प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के दो कमांडरों के खिलाफ जम्मू की विशेष एनआइए अदालत ने गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किए हैं। सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट और खालिद उर्फ लाला हुजैफा के खिलाफ यह कार्रवाई आरसी नंबर- 02/2026/एनआइए/जेएमयू की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर हुई।
विशेष न्यायाधीश प्रेम सागर ने 8 सितंबर को दोनों के खिलाफ अलग-अलग आदेश पारित किए।एनआइए ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपी पाकिस्तान में हैं और सामान्य कानूनी प्रक्रिया से उनकी उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो सकी।
सैफुल्लाह पर पाकिस्तान से नेटवर्क चलाने का आरोप
एनआइए के अनुसार, पाकिस्तान के कसूर जिले का निवासी सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट उर्फ सज्जाद जट उर्फ सज्जाद उर्फ अली भाई उर्फ हबीबुल्लाह मलिक यूएपीए की चौथी अनुसूची में सूचीबद्ध आतंकवादी है। एनआइए के मुताबिक वह पाकिस्तान में रहकर जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों को हथियार, धन और आपरेशनल निर्देश उपलब्ध कराता रहा है।
जांच के मुताबिक, सैफुल्लाह 2005 से 2007 के बीच कुलगाम में लश्कर कमांडर के तौर पर सक्रिय था। बाद में पाकिस्तान जाने के बाद वहीं से घाटी में नेटवर्क संचालित करने का आरोप है।
जांच में पता चला है कि वह साजिद जट्ट, अली भाई, हबीबुल्लाह मलिक, लंगड़ा, नूमी, नुमान, उस्मान हबीब और शानी समेत विभन्न कोड नाम इस्तेमाल करते हुए घाटी में अपने स्थानीय नेटवर्क से संपर्क करता है। पहलगाम हमले में भी उसने प्रमुख भूमिका निभाई है।
पांडच की नाका चेकिंग से खुली कड़ी
मामले की जांच श्रीनगर के पांडाच स्थित गुजर टेंट इलाके में हुई नाका चेकिंग के बाद आगे बढ़ी। पुलिस के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार बटपोरा निवासी मोहम्मद नकीब बअ को रोककर तलाशी ली गई, जिसके कब्जे से एक चीनी ग्रेनेड और 15 जिंदा कारतूस बरामद हुए।इसके बाद पुलिस थाना जकूरा में एफआइआर नंबर 24/2026 दर्ज की गई और यूएपीए, आर्म्स ऐक्ट तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई।
एनआइए के मुताबिक, जांच में कथित नेटवर्क के सरगना अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा, पाकिस्तानी आतंकी उस्मान उर्फ खुबैब और तीन स्थानीय सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया। अब्दुल्ला करीब 16 साल से फरार था और उसने जम्मू-कश्मीर से बाहर भी नेटवर्क के लिए ठिकाने तैयार किए थे।
डिजिटल संपर्कों से जुड़ा सैफुल्लाह का नाम
एनआइए के अनुसार, एक गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी से सैफुल्लाह से संबंधित कम्युनिकेशन आइडी और टेलीग्राम संपर्क मिले। एजेंसी का आरोप है कि इन्हीं संपर्कों के जरिए घाटी में सक्रिय आतंकियों को सुरक्षा बलों, नागरिकों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने संबंधी निर्देश दिए जाते थे।
खालिद पर भी लश्कर नेटवर्क से जुड़ने का आरोप
एनआइए ने खालिद उर्फ लाला हुजैफा उर्फ बक्करवाली को पाकिस्तान में रहकर सक्रिय लश्कर कमांडर बताया है। एजेंसी के अनुसार, वह जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों को हथियार, धन और निर्देश उपलब्ध कराने में शामिल रहा है।
खालिद भी कश्मीर घाटी में जिला गांदरबल और बांडीपोरा में लश्कर के डीविजनल कमांडर के रूप में सक्रयि रहते हुए कई आतंकी वारदातों में शामिल रहा। पाकिस्तान लौटने के बाद वह वहां से कश्मीर में आतंकी नेटवर्क चला रहा है।
बीएनएसएस की धारा 75 के तहत जारी हुआ एनबीडब्ल्यू
दोनों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी करने के लिए एनआइए के सीआइओ एवं डीएसपी अमित शर्मा ने बीएनएसएस की धारा 75 के तहत अदालत में आवेदन दिया था। अदालत ने जांच सामग्री और एजेंसी की दलीलों पर विचार करने के बाद वारंट जारी किए।
खालिद के खिलाफ जारी वारंट कानूनी कार्रवाई के लिए डीआइजी, एनआइए जम्मू को भेजा गया है, जबकि सैफुल्लाह के खिलाफ एनबीडब्ल्यू एसएसपी कुलगाम को भेजा गया है। अदालत के रिकार्ड में सैफुल्लाह का अंतिम ज्ञात पता यमराच, कुलगाम दर्ज है। उसने यमराच कुलगाम की रहने वाली एक युवती से शादी की है जो मौजूदा समय में पाकिस्तान में ही है।
