कश्मीर में अब पतझड़ भी होगा रंगीन, ट्यूलिप के बाद 3.5 लाख गुल-ए-दाऊदी से महकी घाटी; देखें खूबसूरत तस्वीरें
कश्मीर में अब पतझड़ में भी पर्यटकों को रंग-बिरंगे फूलों का आनंद मिलेगा, श्रीनगर के क्रिसेंथेमम गार्डन में 3.5 लाख ...और पढ़ें

श्रीनगर में बॉटनिकल गार्डन में 'श्रीनगर गुल-ए-दाउदी शो 2026' की शुरुआत होगी। फोटो- जागरण साहिल मीर
HighLights
श्रीनगर के क्रिसेंथेमम गार्डन में 3.5 लाख फूल लगाए गए।
यह शो कश्मीर के शरदकालीन पर्यटन को नई पहचान देगा।
फूलों की बहार दिसंबर के पहले सप्ताह तक बनी रह सकती है।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। कश्मीर की खूबसूरती अब सिर्फ वसंत ऋतु में ट्यूलिप के फूलों तक सीमित नहीं रहेगी। पतझड़ के मौसम में भी यहां आने वाले पर्यटकों को रंग-बिरंगे फूलों के बीच घूमने और कुदरत के नजारों का आनंद लेने का मौका मिलेगा। श्रीनगर के क्रिसेंथेमम गार्डन में करीब 3.5 लाख फूलों के पौधे लगाए गए हैं। गुल-ए-दाऊदी यानी क्रिसेंथेमम के इन फूलों से सजा यह बगीचा कश्मीर के शरदकालीन पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी में है। मौसम अनुकूल रहा तो फूलों की बहार दिसंबर के पहले सप्ताह तक बनी रह सकती है।
फ्लोरीकल्चर, गार्डन्स एंड पार्क्स, कश्मीर की निदेशक माथूरा मसूम ने वीरवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि श्रीनगर के बॉटनिकल गार्डन में 23 अक्टूबर से क्रिसेंथेमम शो 2026 का आयोजन होने जा रहा है। देखें खूबसूरत तस्वीरें...

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शाम साढ़े चार बजे शो का शुभारंभ करेंगे। इस आयोजन के लिए उद्यान को गुल-ए-दाऊदी के रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है। फूलों की आकर्षक छटा के बीच यह प्रदर्शनी स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बनने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि क्रिसेंथेमम गार्डन विभाग का ड्रीम प्रोजेक्ट है। उनकी कोशिश है कि जिस तरह ट्यूलिप गार्डन वसंत ऋतु में पर्यटकों को आकर्षित करता है, उसी तरह गुल-ए-दाऊदी का यह बगीचा शरद ऋतु में कश्मीर की खास पहचान बने।
कश्मीर का कोई भी मौसम पर्यटकों के लिए नीरस नहीं होना चाहिए। वसंत को ट्यूलिप और पतझड़ को क्रिसेंथेमम के फूलों के साथ जोड़कर पर्यटन के आकर्षण को पूरे साल विस्तार देने की योजना है।

फूलों के साथ खूबसूरती और सुकून का अनुभव
गार्डन को पहले से अधिक आकर्षक बनाने के लिए फूलों की क्यारियों का विस्तार किया गया है। यहां रंग-बिरंगे फूलों की सजावट के साथ पानी के आकर्षक फीचर, पेर्गोला यानी छायादार बैठने की संरचनाएं और सेल्फी प्वाइंट भी विकसित किए गए हैं।
आगंतुकों की सुविधा के लिए व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है, ताकि परिवारों और पर्यटकों को बगीचे में घूमने के साथ तस्वीरें लेने और कुछ सुकून भरे पल बिताने का अवसर मिल सके।

इस गार्डन की खासियत केवल क्रिसेंथेमम के फूल ही नहीं हैं। यहां चिनार, मेपल और जिन्कगो जैसे पेड़ भी शरद ऋतु के रंगीन नजारों को और खूबसूरत बनाते हैं।
बदलते मौसम में पेड़ों की रंगत और फूलों की विविधता मिलकर ऐसा प्राकृतिक दृश्य तैयार करती है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

मौसम की चुनौतियों के बीच पूरा हुआ काम
मसूम ने बताया कि गार्डन को तैयार करने के दौरान मौसम से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आईं। इसके बावजूद विभाग के अधिकारियों और मालियों ने मिलकर काम पूरा किया। उनके अनुसार, फूल करीब डेढ़ महीने तक खिले रह सकते हैं और मौसम का साथ मिला तो 5 या 6 दिसंबर तक इनकी खूबसूरती बरकरार रह सकती है।

विभाग को उम्मीद है कि इस बार शरद ऋतु में बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचेंगे। यदि यह पहल सफल रहती है, तो कश्मीर में पर्यटन का आकर्षण पारंपरिक ट्यूलिप सीजन से आगे बढ़ेगा और पतझड़ भी यहां घूमने आने वालों के लिए एक खास मौसम बन सकेगा।
