राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : जम्मू कश्मीर पुलिस के अधिकारी और जवान फिलहाल लंबी छुट्टी लेकर अपने परिजनों से मिलने नहीं जाएंगे। वह कब अपने घर पहुंचेंगे, इसकी पूर्व सूचना भी रिश्तेदारों, दोस्तों या अन्य लोगों को नहीं देंगे। वे जब भी परिजनों से मिलने जाएंगे, अचानक ही जाएंगे। यह नई एडवाइजरी कश्मीर के सभी इलाकों के रहने वाले पुलिसकर्मियों के लिए जारी की गई है। विशेषकर दक्षिण कश्मीर से संबंधित पुलिसकर्मियों को इसका सख्ती से अनुपालन करने को कहा गया है। यह नई एडवाइजरी हाल ही में वादी में ईद मनाने घर जाने वाले पुलिसकर्मियों की आतंकियों द्वारा हत्या किए जाने की घटनाओं के बाद जारी की गई है।

राज्य पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि घाटी के पुलिस अधिकारियों और जवानों के लिए पहले से भी एक एडवाइजरी जारी है। उन्हें पहले से निर्देश हैं कि वह ईद या किसी अन्य मौके पर जब भी अपने घर जाएं, बिना पर्याप्त सुरक्षा और संबंधित पुलिस स्टेशन को सूचित किए बगैर नहीं जाएं। लेकिन इसका अक्सर संबंधित पुलिसकर्मी व अधिकारी उल्लंघन कर देते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार ईद के दिन तीन पुलिसकर्मियों को आतंकियों ने मौत के घाट उतारा है। इसके अलावा दो और पुलिसकर्मियों के घरों पर हमला हुआ है। इन लोगों ने एडवाइजरी का पालन किया था या नहीं, यह जांच का विषय है, लेकिन करीब सवा लाख जवानों व अधिकारियों पर आधारित राज्य पुलिस के प्रत्येक सदस्य पर नजर रखना बहुत मुश्किल है।

उक्त अधिकारी ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक नयी रणनीति पर काम किया जा रहा है। इसी रणनीति के तहत एक एडवाइजारी जारी की गई है कि कश्मीर घाटी के विशेषकर दक्षिण कश्मीर के तीन जिलों शोपियां, पुलवामा और कुलगाम से संबंधित पुलिस अधिकारी और जवानों को कहा गया है कि वह बिना अनुमित ईद या किसी अन्य मौक पर अपने परिजनों से मिलने अपने पैतृक स्थान पर नहीं जाएं। इसके अलावा उन्हें इसके लिए लंबी छुट्टी भी नहीं मिलेगी और उन्हें कहा गया है कि वह जब भी अपने परिजनों से मिलने जाएं तो संबंधित अधिकारियों के अलावा अपने इलाके के पुलिस स्टेशन अथवा चौकी को सूचित करते हुए पूरे सुरक्षा में ही जाएं और वह भी दो से तीन घंटे के लिए। वह अपने घर कब पहुंच रहे हैं, किस दिन पहुंच रहे हैं, इसकी जानकारी किसी अन्य को न दें। बता दें कि इस वर्ष वादी में आतंकी ¨हसा में करीब 28 पुलिसकर्मी मारे गए हैं और इनमें से करीब 10 पुलिसकर्मी व एसपीओ उस समय मारे गए, जब वह अवकाश पर अपने घर आए हुए थे।

Posted By: Jagran