राज्य ब्यूरो, श्रीनगर: आतंकी हमले की आशंका के बीच वीरवार से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा की पूर्व संध्या पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा बुलाई की सर्वदलीय बैठक से पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती गायब रही। अलबत्ता, नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला समेत अन्य सभी प्रमु़ख नेता बैठक में मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में तीर्थयात्रा को शांत, सुरक्षित और विश्वासपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए उपराज्यपाल को हर संभव सहयोग का यकीन दिलाया और कहा कि यह तीर्थयात्रा हम कश्मीरियों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। इसे सफल बनाना, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रत्येक कश्मीरी का कर्तव्य है। लगभग दो घंटे तक चली इस बैठक में मौजूद रहे कई नेताओं ने तीर्थयात्रा को जरूरत से ज्यादा प्रचार देने, शोर मचाने पर भी एतराज जताया और कहा कि इससे भी कई लोगों में नकारात्मक संदेश जाता है। तीर्थयात्रा सदियों से हो रही है, इसे पहली बार का आयोजन नहीं बनाया जाना चाहिए।

उपराज्यपाल ने बुधवार को नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी, जम्मू कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस, माकपा और अवामी नेशनल कांफ्रेंस व भाजपा समेत मुख्यधारा के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं को शाम को चाय की दावत दी थी। दावत के लिए भेजे के निमंत्रण पत्र पर सिर्फ हाई टी का जिक्र था और किसी एजेंडे का उल्लेख नहीं था।

पीडीपी के प्रवक्ता सुहैल बुखारी ने दोपहर को ही संकेत दे दिया था कि उनकी पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती बैठक में शामिल नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि बैठक का कोई एजेंडा नहीं है, सुबह दावतनामा मिला है। इसी तरह दिल्ली में बुलाई गई बैठक का भी कोई परिणाम नहीं निकला था। वहीं, नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने दोपहर बैठक में भाग लेने की पुष्टि करते हुए कहा था, भाई, मैं दिल्ली से आज ही आया हूं। दावत का कार्ड देखा है। बैठक में जाकर ही पता चलेगा कि मसला क्या है?

शाम छह बजे के करीब राजभवन में हाई टी की दावत शुरू हुई, लेकिन इस दौरान उम्मीद के मुताबिक श्री अमरनाथ यात्रा पर चर्चा हुई। बैठक में फारूक अब्दुल्ला, अवामी नेशनल कांफ्रेंस के मुजफ्फर शाह, जनता दल यूनाइटेड के जीएम शाहीन, पीपुल्स कांफ्रेंस के मुजफ्फर शाह, अपनी पार्टी के चेयरमैन सैयद अल्ताफ बुखारी, और माकपा नेता मोहम्मद युसुफ तारीगामी के अलावा भाजपा प्रदेश प्रमुख रविद्र रैना व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीए मीर ने भाग लिया।

सभी नेताओं ने पूर्ण सहयोग का यकीन दिलाया है। इसके साथ हमने कहा कि हाईवे पर तीर्थयात्रा को लेकर आम लोगों की आवाजाही व अन्य गतिविधियों पर लगाई गई पाबंदियों केा नरम बनाया जाना चाहिए। श्रद्धालुओं को सिर्फ शिविरों के भीतर सीमित न रखा जाए। बेहतर होता कि जब निमंत्रण भेजा गया तो एजेंडा भी बताया जाता।

जीए मीर, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस हमने एलजी साहब को बताया कि तीर्थयात्रा को आम कश्मीरी ही कामयाब बनाता है। कश्मीरी इस यात्रा में पूरा सहयोग करते आए हैं और करते रहेंगे,लेकिन जिस तरह से यात्रा को सरकार संचालित करने जा रही है,उससे कश्मीरियों की भागीदारी इसमें घटती महसूस होती है।

डा. फारूक अब्दुल्ला, अध्यक्ष, नेशनल कांफ्रेंस हमने उपराज्यपाल से कहा कि आम कश्मीरी इस यात्रा का पूरा स्वागत करता है। कश्मीरी सदियों से इस यात्रा में शामिल हैं,लेकिन जिस तरह से इस साल यात्रा को लेकर सरकार ने हाइप क्रिएट की है, वह सही नहीं है। इसे कई लोगों में नकारात्मक संदेश जाते हैं।

अल्ताफ बुखारी, जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी के चेयरमैन

Edited By: Jagran