जम्मू-कश्मीर के उड़ी में भूस्खलन से नेशनल हाईवे बंद, पहाड़ से गिर रहे पत्थर; यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग की सलाह
उत्तरी कश्मीर के उड़ी में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है। सड़क पर ...और पढ़ें

उड़ी में भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद।
HighLights
उड़ी में भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित
सड़क पर मलबा और पत्थर गिरने से चुनौती
यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह जारी
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के उड़ी क्षेत्र में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। राजरवानी के पास सड़क पर भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा जमा हो गया है।
प्रभावित हिस्से में पहाड़ से अब भी पत्थर गिर रहे हैं, ऐसे में प्रशासन ने लोगों को प्रभावित हिस्से से दूर रहने और मलबा हटाकर सड़क को सुरक्षित घोषित किए जाने तक इस मार्ग पर सफर से बचने की सलाह दी है।
भूस्खलन की घटना एनएचपीसी उड़ी-1 के निकट एनएच के एडीआईटी-4 के पास हुई। लगातार गिरते पत्थरों और सड़क पर फैले मलबे के कारण रात को यातायात बहाल करने का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
यात्रियों को वैकल्पिक रास्ते की दी गई सलाह
प्रभावित मार्ग से बचने के लिए यात्रियों को गिंगल–दवारन–परनपिल्लन–बांडी–उड़ी के वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। ट्रैफिक विभाग ने बताया कि सड़क पर बड़ी मात्रा में मलबा जमा होने व पहाड़ों से अभी पत्थर के गिरने से उसे हटाने के काम में बाधा आ रही है।
खासकर रात के समय सफाई अभियान चलाना मुश्किल हो रहा है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सड़क को दोबारा सुरक्षित बनाने के लिए नुकसान की स्थिति और जरूरी उपायों का आकलन किया जा रहा है।
एनएस ब्रिज के पास सड़क की हालत ने भी बढ़ाई चिंता
वहीं उड़ी क्षेत्र में एनएस ब्रिज के पास भी सड़क की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहां सड़क चौड़ीकरण का काम चलने और बारिश के दौरान मिट्टी ढीली पड़ने, सतह फिसलन भरी होने तथा पहाड़ी ढलानों के अस्थिर होने की आशंका पैदा हो गई है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी करने, सुरक्षा उपाय मजबूत बनाने और सड़क पर जमा मलबा समय रहते हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर कार्रवाई से दुर्घटनाओं का खतरा घटाने के साथ यात्रियों को होने वाली परेशानी भी कम की जा सकती है।
लोगों से अपील की गई है कि वे बंद और असुरक्षित हिस्से से गुजरने की कोशिश न करें, निर्धारित वैकल्पिक मार्ग अपनाएं और यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करें। सड़क से मलबा हटने और मार्ग को सुरक्षित घोषित किए जाने तक सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
