राज्य ब्यूरो, श्रीनगर: जिहादियों के दुष्प्रचार से गुमराह होकर आतंकवाद की राह पर गए अपने बेटे की सलामत वापसी के कश्मीर की एक मां दर-दर भटक रही है। बस एक ही रट लगाए है कि उसका बेटा घर लौट आए। हर जगह से आस टूटती देख अब उसने सोशल मीडिया का सहारा लिया है। उसने दिल से निकली टूटती आस का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया है। इसमें वह पुत्र को अपने घर और खुद की हालत की दुहाई देते हुए बार-बार लौटने को कह रही है। वह इस्लाम का वास्ता देते हुए जिहादियों से कह रही है कि उसके बेटे को घर भेज दो, अन्यथा हम तबाह हो जाएंगे।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो दक्षिण कश्मीर में पुलवामा जिले के काकपोरा के रहने वाले आदिल की मां और बहन का है। आदिल 19 मार्च घर से गायब हो गया था। उसके परिजनों ने पुलिस को सूचित किया। हर जगह तलाशा, लेकिन वह नहीं मिला। पहली अप्रैल को पता चला कि वह जिहादी बन चुका है। आदिल की मां ने कहा कि मैं अपने बेटे को तलाशते हुए हर जगह गई। मैंने लॉकडाउन की भी परवाह नहीं की। वह कहीं नहीं मिला। मैंने पुलिस से भी गुहार लगाई कि मेरा बेटा मुझे लाकर दे दो। पुलिस कहती है कि उसने बंदूक उठा ली है। मुझसे किसी ने कहा कि बंदूक उठाने वालों तक मेरी गुजारिश फोन के जरिए पहुंच जाएगी। जिहादियों को इस्लाम समझना चाहिए

वीडियो में आदिल की मां कहती है कि आदिल ही हमारा एक सहारा था, उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था। उसे अपने साथ ले जाने वाले जिहादियों को भी इस्लाम समझना चाहिए। अगर वह इस्लाम को मानते हैं तो उन्हें मेरा बेटा लौटा देना चाहिए। आदिल को मेरे प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना है। उसे अपनी बहन के लिए अपना फर्ज पूरा करना है। शाम की नमाज के लिए निकला था, फिर नहीं लौटा

आदिल की मां के मुताबिक वह घर से शाम की नमाज अता करने के लिए निकला था, फिर नहीं लौटा। वह कहती है कि उसे कोई समझाए कि वह ऐसा न करे, मां को तकलीफ देना बहुत बड़ा गुनाह है। वह लौट आए। यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि दक्षिण कश्मीर में बीते तीन माह के दौरान सात स्थानीय युवकों के आतंकी बनने की सूचनाएं हैं। अलबत्ता, पुलिस इस बारे में कुछ भी कहने से बच रही है।

Posted By: Jagran

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