श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। तौसीफ जफर रोज सुबह नई उम्मीद लेकर घर से करीब 12 किलोमीटर दूर सलामाबाद जाता है और फिर मायूस होकर लौट आता है। जेहलम किनारे स्थित सलामाबाद क्रॉस एलओसी ट्रेड फैसिलटेशन सेंटर में अधिकारियों से गुलाम कश्मीर में फंसे पैसे निकालने का कोई रास्ता बताने को कहता है। अधिकारी उसे सांत्वना देकर कहते हैं कि हौसला रखो, जल्द ही ट्रकों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। रोज यही आश्वासन लेकर घर लौट आता है। वह अकेला नहीं है उस जैसे करीब 180 व्यापारी हैं, जिनका लाखों का बकाया गुलाम कश्मीर कश्मीर के व्यापारियों पर है।

उड़ी निवासी तौसीफ जफर ने कहा कि जब क्रास एलओसी ट्रेड शुरू हुआ तो हमें बताया कि यह हम लोगों की तकदीर बदल देगा। सही कहा था, आज हम लोग सड़क पर हैं। 70 लाख का माल अप्रैल की शुरुआत में भेजा था बदले में चकोटी मुजफ्फराबाद के व्यापारियों ने मुझे सामान भेजना था। वह सामान भेजते उससे पहले ही केंद्र ने आतंकवाद व हवाला का जिक्र करते हुए क्रॉस एलओसी व्यापार पर रोक लगा दी।

मैंने छह ट्रक माल और यहां रखा था जो 19 अप्रैल को भेजना था, लेकिन 18 अप्रैल को व्यापार बंद कर दिया गया। एक बार किसी तरह से पैसा वापस आए। उसके बाद मैं इससे तौबा ही कर लूंगा।

श्रीनगर के जहूर अहमद ने कहा कि मैने अप्रैल के अंत में 30 लाख के मसाले खरीदे थे। यह मसाले गुलाम कश्मीर भेजने थे और बदले में मैंने मिस्वाक की दातुन मंगानी थी। मई में पाक रमजान में मिसवाक की यहां खूब खपत होती अैर मुझे पता था कि मैं फायदे में रहूंगा। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में यह व्यापार बंद हो गया और मैं कर्ज में दब गया हूं।

केंद्र ने हमारी सुनी नहीं :

सलामाबाद-चकोटी क्रास एलओसी ट्रेडर्स एसोसिएशन के चेयरमैन हिलाल तुर्की ने कहा कि हम तो शुरू से केंद्र सरकार से कहते थे कि वह इस व्यापार को हवाला और आतंकवादियों की चंगुल से आजाद रखने के लिए ट्रेड फैसिलटेशन सेंटर पर ट्रक स्कैनर उपलब्ध कराए। सभी व्यापारियों की स्क्रीनिंग हो। यह व्यापार बार्डर ट्रेड जिसमें सामान के बदल-सामान का आदान-प्रदान होता है, बंद करने और नकद लेन-देन की व्यवस्था के लिए आग्रह कर रहे थे।

केंद्र ने हमारी यह मांग पूरी नहीं की और यह व्यापार बंद है। हमारे लाखों आज गुलाम कश्मीर में फंसे हैं। पार हमारा कोई सीधा संपर्क भी नहीं है। व्यापार कब शुरू होगा, इस पर कोई जवाब नहीं देता। व्यापार के बंद होने से इस कारोबार से जुड़े व्यापारी ही परेशान नहीं हैं बल्कि सलामाबाद में जो आर्थिक गतिविधियां चल रही थी, वह लगभग ठप होकर रह गई हैं।

300 मजदूर बेरोजगार हो गए :

सलामाबाद का बाजार दिनभर सूना रहता है। दो सौ ट्रक चालक बेकार हैं। अब श्रीनगर,बारामुला व कस्बों में काम तलाश रहे हैं। ट्रेड फैसिलटेशनसेंटर में 300 मजदूर काम करते थे, जो बेकार हैं। इनमें से कई अब कश्मीर से बाहर अपनी रोजी रोटी कमाने चले गए हैं।

संबंधित प्रशासन तक बात पहुंचा

दीसलामाबाद ट्रेड फैसिलटेशन सेंटर के कस्टोडियन रियाज अहमद मलिक ने कहा कि अब यह व्यापार बंद हैं। यह कब शुरू होगा यह केंद्र सरकार तय करेगी। इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। क्रॉस एलओसी व्यापार से जुड़े स्थानीय व्यापारियों का एक दल मुझसे भी मिला था मैंने उनकी बात संबंधित प्रशासन तक पहुंचा दी है।

वर्ष 2008 में शुरू हुआ था क्रास एलओसी ट्रेड

भारत-पाकिस्तान के बीच एक समझौते के तहत अक्टूबर 2008 में जम्मू कश्मीर और गुलाम कश्मीर के बीच डयूटी फ्री क्रास एलओसी ट्रेड की अनुमति दी गई थी। इस व्यापार में सिर्फ जमू कश्मीर और गुलाम कश्मीर के व्यापारी ही हिस्सा ले सकते थे। दोनों तरफ से 21 वस्तुओं का ही आयात-निर्यात हो सकता था। यह पूरी तरह से बार्टर ट्रेड था। कश्मीर के व्यापारी उड़ी सेक्टर में सलामाबाद के रास्ते अमन कमान सेतु के पार गुलाम कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद के लिए अपना माल भेजते थे और माल मंगाते थे। जम्‍मू प्रांत के व्यापारी पुंछ में चक्कां दा बाग के रास्ते रावलकोट गुलाम कश्मीर में अपना माल भेजते थे। यह व्यापार सप्ताह में चार दिन होता था।

18 अप्रैल 2018 को बंद हुआ व्यापार

मार्च में भी क्रास एलओसी ट्रेड को संबधित प्रशासन ने कुछ दिन स्थगित रखा था। उस समय तर्क दिया गया था कि सलामाबाद-चकौटी सड़क पर भूस्खलन हुआ है और सड़क की मरम्मत जारी है। यह कुछ दिन बहाल रहा और 18 अप्रैल 2019 को केंद्रीय गृहमंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर इसे अगल आदेश तक बंद करने का निर्देश दिया।

क्रॉस एलओसी ट्रेड का इस्तेमाल पाकिस्तान स्थित आतंकी तत्व जम्मू कश्मीर में हिंसा फैलाने, अलगाववादी गतिविधयों को प्रोत्साहित करने , जाली करंसी चलाने व नशीले पदार्थाें की तस्करी के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए जब तक क्रास एलओसी ट्रेड के लिए मजबूत पारदर्शी तंत्र स्थापित नहीं किया जाता, यह बंद रहेगा। 

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Posted By: Preeti jha

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