राज्य ब्यूरो, श्रीनगर: कश्मीर में प्राथमिक स्कूलों के बाद बुधवार को 774 मिडिल स्कूलों के खुलने की भी घटी बज गई। छात्रों की संख्या बेशक कम रही, लेकिन कश्मीर में शाति बहाली की नींव को मजबूत बनाती नजर आई। वहीं, डल में बुधवार को सब्जी मंडी भी लगी। कश्मीर में दिनों दिन जनजीवन में रंग घुल रहा है। इस बीच, प्रशासन ने हालात में सुधार के आधार पर वादी में 50 पुलिस थाना क्षेत्रों से दिन की निषेधाज्ञा को पूरी तरह हटा लिया है। इसका असर सामान्य जिंदगी पर नजर आया। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही में बीते दिनों की अपेक्षा अधिक रही। हालाकि, अधिकाश बाजार बंद रहे, लेकिन कई जगह दुकानें भी खुली नजर आई। इस दौरान शाति बहाल होने से हताश शरारती तत्वों ने कई जगह स्कूल बसों को निशाना बनाने के अलावा कई दुकानदारों के साथ भी तथाकथित तौर पर मारपीट की।

प्रशासन ने वादी में पथराव की छिटपुट घटनाओं के बावजूद सात अगस्त को प्रशासनिक पाबंदियों में राहत का क्रम शुरू किया। सकारात्मक परिणाम को देखते हुए इसे और आगे बढ़ाया। शरारती तत्वों की तमाम साजिशों के बावजूद वादी में किसी जगह कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं हुआ और न किसी प्रकार का जानी नुकसान हुआ। प्रशासन ने अकादमिक गतिविधियो के बहाल करने के लिए सोमवार को पहले प्राथमिक स्कूलों को खोला और इसी प्रक्त्रिया के तहत बुधवार को पूरी वादी में मिडिल स्कूल भी खोल दिए गए। विभिन्न सड़कों से अवरोधक हटाए गए। सरकारी कार्यालयों में भी लगभग सामान्य रूप से कामकाज हुआ।

रेडक्रास रोड पर स्थित कोठीबाग मिडिल स्कूल के अध्यापक जहागीर अहमद ने कहा कि तीन अगस्त के बाद बुधवार को स्कूल खुला है। सिर्फ अध्यापक ही पहुंचे हैं, छात्र नहीं हैं। आते भी कैसे, फोन बंद हैं और हर घर में अखबार नहीं जाता। कई जगह गाड़ियां भी नहीं चल रही हैं। पथराव का डर है, इसलिए मा-बाप ने भी बच्चों को रोका होगा। पहला दिन था, उम्मीद की जानी चाहिए कि वीरवार की सुबह यहा सभी छात्र हाजिर हों।

कान्वेंट स्कूल प्रशासन ने छात्रों को लेने के लिए पाच गाड़ियां निकालीं। वहीं, लाल चौक स्थित टिंडेल बिस्को स्कूल का गेट नहीं खुला। शहर के बाहरी हिस्सों और ग्रामीण इलाकों के भी स्कूलों में कुछ छात्र नजर आए। गादरबल मिडिल स्कूल में कार्यरत अध्यापक ने बताया कि पूरा स्टाफ आया है। 200 छात्रों में से 40 भी आए। स्कूल के बाहर खड़े नजीर अहमद ने कहा कि वह अपने बेटे को स्कूल छोड़ने आया है। उसने कहा कि सरकार को सुरक्षा का पूरा बंदोबस्त करना चाहिए कि हम बेखौफ हो अपने बच्चों को स्कूल भेज सकें। 774 स्कूलों को खोला गया : मलिक

स्कूल शिक्षा निदेशक मोहम्मद यूनिस मलिक ने बताया कि पूरी वादी में छह हजार प्राथमिक व तीन हजार मिडिल स्कूल हैं। प्राथमिक स्कूलों में छात्रों और स्टाफ की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। बुधवार को हमने 774 मिडिल स्कूल खोले। इनमें अध्यापकों व अन्य स्टॉफ की मौजूदगी 60 से 70 प्रतिशत रही है। दक्षिण कश्मीर में छात्रों की उपस्थिति तीन प्रतिशत तक रही है, लेकिन उत्तरी कश्मीर में यह 50 प्रतिशत रही। श्रीनगर में 84 मिडिल स्कूलों को खोला गया और उनमें 10 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई है। कई निजी प्राथमिक स्कूल भी खुले रहे। डीसी कार्यालय में 90 फीसदी कर्मचारी पहुंचे

सूचना निदेशक सहरीश असगर ने डीआइजी सेंट्रल कश्मीर रेंज वीके बिरदी और स्कूल शिक्षा निदेशक यूनिस मलिक की मौजूदगी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि स्थिति लगभग सामान्य रही है। जिला उपायुक्त कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थित 80-90 प्रतिशत रही है जबकि अन्य कार्यालयों में यह लगभग 80 प्रतिशत रही है। वादी में स्थिति लगभग सामान्य हो चली है। सभी आवश्यक सेवाएं भी पूरी तरह बहाल हैं। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी लगभग सामान्य हो चली है। शरारती तत्वों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प

सामान्य स्थिति बहाल होने से हताश शरारती तत्वों ने बुधवार को कई जगह नारेबाजी करते हुए पथराव किया। उन्होंने अलूचीबाग इलाके में कथित तौर पर एक स्कूल बस पर पथराव किया। पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए बल प्रयोग कर उन्हें भगाया। इसके अलावा श्रीनगर के तेलबल, फतेहकदल समेत चार अन्य जगहों पर भी शरारती तत्वों पर काबू पाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान स्थानीय निवासी फिरोज अहमद पैलेट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। वह अस्पताल में भर्ती है। वहीं, डीआइजी सेंट्रल कश्मीर रेंज वीके बिरदी ने विभिन्न इलाकों में हिंसक झड़पों और पथराव की पुष्टि तो की, लेकिन किसी स्कूल पर हमले या किसी युवक के जख्मी होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

Posted By: Jagran

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