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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

35ए पर राज्यपाल से मुलाकात के बाद दिल्ली रवाना हुई महबूबा

By Preeti jhaEdited By:
Published: Fri, 11 Aug 2017 10:31 AM (IST)

पीडीपी का मानना है कि अनुच्छेद 35ए के साथ किसी तरह की छेड़खानी पूरी रियासत में सियासी सुनामी ला सकती है।

35ए पर राज्यपाल से मुलाकात के बाद दिल्ली रवाना हुई महबूबा
35ए पर राज्यपाल से मुलाकात के बाद दिल्ली रवाना हुई महबूबा

श्रीनगर, [राज्य ब्यूरो]। अनुच्छेद 35ए को लेकर राज्य में लगातार बढ़ रहे सियासी विवाद के बीच मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने वीरवार को नई दिल्ली रवाना होने से पहले राज्यपाल एनएन वोहरा से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल को 35ए के मुद्दे पर अपनी पार्टी के स्टैंड और विभिन्न राजनीतिक दलों से हुई चर्चा से अवगत कराया।सुबह राज्यपाल से भेंट करने के बाद दोपहर बाद मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ से भी बैठक की।

शुक्रवार को उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी व जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव से भी अनुच्छेद 35ए के मुद्दे पर मुलाकात की संभावना है।गौरतलब है कि सर्वाेच्च न्यायालय में नई दिल्ली स्थित एक एनजीओ ने भारतीय संविधान की धारा 35ए को समाप्त करने की याचिका दायर कर रखी है। इस मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर में लगातार सियासी विवाद बढ़ता जा रहा है। सिवाय भाजपा के मुख्यधारा के अन्य सभी राजनीतिक दल और अलगाववादी खेमा इस मुद्दे पर एकजुट नजर आ रहा है।

महबूबा भी अनुच्छेद 35ए की समर्थक हैं और चाहती हैं कि जम्मू-कश्मीर के विधानमंडल को राज्य के स्थायी नागरिकों को परिभाषित करने व उनके लिए विशेषाधिकारों का प्रावधान करने वाली इस संवैधानिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सभी दलों में आम राय पैदा की जाए। इसी इरादे के साथ उन्होंने दो दिन पहले सभी को चौंकाते हुए अपने धुर राजनीतिक विरोधी नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात की थी। डॉ. अब्दुल्ला ने उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सहयोग लेने की सलाह दी थी। माकपा, पीडीएफ और डीपीएन जैसे दलों ने भी उन्हें यही राय दी है।

पीडीपी का मानना है कि अनुच्छेद 35ए के साथ किसी तरह की छेड़खानी पूरी रियासत में सियासी सुनामी ला सकती है। इससे अलगाववादी खेमा मजबूत होगा और राष्ट्रवादी ताकतें कमजोर होंगी। इस मुद्दे पर जारी सियासत में सभी के साथ सहमति बनाने का प्रयास कर रही मुख्यमंत्री महबूबा पर नेकां के प्रवक्ता जुनैद अजीम मट्टू ने कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया है कि महबूबा भाजपा के खिलाफ लोगों को जमा कर रही हैं और वह भी तब जब भाजपा के साथ ही मिलकर उन्होंने सरकार बनाई है। गौरतलब है कि भाजपा सैद्धंतिक तौर पर अनुच्छेद 370 और 35ए के खिलाफ है।

उमर अब्दुल्ला ने भी इस पर महबूबा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वह भाजपा के साथ सरकार में हैं और भाजपा की नीतियों के खिलाफ हैं। इस बीच, दोपहर को नई दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने राज्यपाल एनएन वोहरा से राजभवन में मुलाकात की।

दोनों के बीच 35ए के अलावा कश्मीर में जारी आतंकरोधी अभियानों, कानून व्यवस्था, जीएसटी के प्रभावी कार्यान्वयन, पर्यटकों की आमद, विभिन्न विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन और विश्वविद्यालयों की गतिविधियों से संबधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई।राज्यपाल ने डल झील की बिगड़ती स्थिति और राज्य में पंचायत व स्थानीय निकाय चुनावों पर भी चर्चा करते हुए अपनी चिंता से अवगत कराया।

राज्यपाल ने श्री अमरनाथ यात्रा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए राज्य प्रशासन की तरफ से श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड को उपलब्ध कराए गए सहयोग व समर्थन के लिए भी अपना आभार प्रकट किया है।