जम्मू, राज्य ब्यूरो। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा जावेद ने आरोप लगाया है कि उसे कई दिनों से पुलिस ने हिरासत में रखा है और धमकाया जा रहा है कि अगर उसने फिर से मीडिया के पास किसी भी प्रकार की बातचीत की तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इल्तिजा ने केंद्रीय गृहमंत्री को अमित शाह को पत्र लिखकर इस बारे में उनसे भी जवाब देने को कहा है। उन्होंने एक वाइस मैसेज भी जारी किया है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि पूरा देश जब स्वतंत्रता दिवस मना रहा था तो कश्मीरियों को जानवरों की तरह कैद किया गया था। उनके साथ बदस्लूकी की जा रही थी। कश्मीरियों को मूल सुविधाएं भी मुहैया नहीं करवाई जा रही हैं। जहां तक मानवाधिकारों का भी हन्न हो रहा है।

गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में पिछले 12 दिनों से बंद है। जगह-जगह पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, कई राजनीतिक दलों के नेताओं को हिरासत में लिया गया है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के अलावा आइएएस से राजनेता बने शाह फैसल भी शामिल हैं। महबूबा की बेटी इल्तिजा ने यह भी आरोप लगाया कि उसके साथ अपराधियों जैसा बरताव किया जा रहा है। यह सब इसीलिए कि कुछ दिन पहले उसने मीडिया के समक्ष कर्फ्यू के दौरान कश्मीरियों की दिक्कतों को उजागर किया था। अब उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।

इल्तिजा ने कुछ दिन पहले भी इस संबंध में बयान जारी कर यह बताया था कि उन्हें हिरासत में लिया गया है। कश्मीर में ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि कोई भी घर से बाहर नहीं निकल पा रहा। बड़े पैमाने पर लोगों को घरों में नजरबंद कर दिया गया है। वह चाहती हैं कि मीडिया को भी यह पता चले कि कश्मीर में क्या हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाए कि गृहमंत्री गलत बोल रहे हैं। फारूक अब्दुल्ला और कई अन्य नेताओं को नजरबंद नहीं किया गया है। जबकि सभी नजरबंद हैं। सज्जाद लोन, इमरान अंसारी, महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को भी हिरासत में लिया गया है।

Posted By: Rahul Sharma