जम्मू-कश्मीर में स्टाइपेंड का सरकारी आदेश जारी होते ही मेडिकल इंटर्न का आंदोलन खत्म, अब हर महीने मिलेंगे 25000 रुपये
जम्मू-कश्मीर में मेडिकल और डेंटल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर चल रहा आंदोलन सरकारी आदेश जारी होने के बाद समाप्त हो गया है।

जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न का आंदोलन खत्म, स्टाइपेंड बढ़कर हुआ 25000 रुपये।
HighLights
मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाने का आंदोलन समाप्त
अब इंटर्न को मिलेंगे हर महीने 25,000 रुपये
बढ़ी हुई राशि 1 अक्टूबर 2026 से होगी प्रभावी
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मेडिकल और डेंटल इंटर्न को आखिरकार राहत मिल गई है। सरकार की ओर से बुधवार को बढ़े हुए स्टाइपेंड का आधिकारिक आदेश जारी होते ही इंटर्न ने फैसले का स्वागत किया और आंदोलन समाप्त करने का एलान किया। अब उन्हें हर महीने 12300 रुपये के बजाय 25000 रुपये स्टाइपेंड मिलेगा। बढ़ी हुई राशि 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक दिन पहले ही स्टाइपेंड बढ़ाने की घोषणा कर दी थी, लेकिन इंटर्न की मांग थी कि फैसले को लागू करने के लिए औपचारिक सरकारी आदेश जारी किया जाए।
मुख्यमंत्री की मंजूरी के बावजूद इंटर्न ने अपना आंदोलन जारी रखा और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने तक मांग पर डटे रहे। बुधवार को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का आदेश जारी होने के बाद उनकी यह मांग पूरी हो गई। इस फैसले का लाभ जम्मू-कश्मीर के एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न के साथ यहां इंटर्नशिप कर रहे विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को भी मिलेगा।
जम्मू-कश्मीर के इंटर्न प्रतिनिधि और ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एएमआईएसए) के संयुक्त सचिव डॉ. मोहम्मद आकिब जाविद ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे सभी मेडिकल और डेंटल इंटर्न के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि स्टाइपेंड में बढ़ोतरी केवल आर्थिक राहत नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था में इंटर्न की मेहनत, समर्पण और सेवाओं की पहचान भी है।
डॉ. जाविद ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी का मांग को आगे बढ़ाने में सहयोग के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने आंदोलन के दौरान इंटर्न से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनने और मांग का समर्थन करने वाले विपक्षी नेताओं के प्रति भी आभार जताया।
जाविद ने कहा कि यह उपलब्धि इंटर्न की सामूहिक कोशिशों, एकजुटता और दृढ़ता का नतीजा है। उन्होंने एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि यह फैसला जूनियर मेडिकल और डेंटल विद्यार्थियों के लिए भी प्रोत्साहन बनेगा।
