जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, IUST कुलपति की याचिका पर CAT की कार्रवाई स्टे
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने आईयूएसटी के कुलपति प्रो. शकील अहमद रोमशू की याचिका पर केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की अवमानना कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है।

आईयूएसटी कुलपति की याचिका पर हाईकोर्ट का नोटिस (फाइल फोटो)
HighLights
आईयूएसटी कुलपति प्रो. रोमशू की याचिका पर हाईकोर्ट का नोटिस।
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की अवमानना कार्यवाही पर रोक।
हाईकोर्ट ने कैट से मूल आवेदन शीघ्र निपटाने को कहा।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने बुधवार को इस्लामिक यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी (आईयूएसटी), अवंतीपोरा के कुलपति प्रो शकील अहमद रोमशू द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी करते हुए केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) में चल रही अवमानना कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव कुमार और न्यायमूर्ति मोहम्मद यूसुफ वानी की खंडपीठ ने प्रो रोमशू की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई सात सितंबर, 2026 को निर्धारित की है।
खंडपीठ ने अवमानना कार्यवाही पर रोक लगाते हुए कैट से लंबित मूल आवेदन (ओरिजिनल एप्लिकेशन-ओए) का शीघ्र निस्तारण करने का भी अनुरोध किया। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि अगले आदेश तक अवमानना मामले की आगे की कार्यवाही स्थगित रहेगी। हालांकि, अधिकरण लंबित मुख्य ओए पर शीघ्र विचार कर उसका अंतिम निर्णय करे।"
याचिकाकर्ता प्रो शकील अहमद रोमशू की ओर से सरकारी अधिवक्ता जहांगीर अहमद डार ने पैरवी की। वहीं, प्रतिवादी डा शेख मोहम्मद इमरान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एसए मकरू के नेतृत्व में अधिवक्ता दानिश यूसुफ और राहिल नूर ने पक्ष रखा।
हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को कैट से संबंधित अभिलेख तलब करने का भी निर्देश दिया। प्रतिवादी की ओर से अधिवक्ता दानिश यूसुफ ने अदालत में नोटिस स्वीकार किया।
